भिवंडी का पानी माफिया नालों से कर रहा सप्लाई, जलापूर्ति विभाग बना मौन दर्शक
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Sep 14, 2025
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भिवंडी। भिवंडी-निजामपूर शहर में जल संकट गहराता जा रहा है। नागरिकों को रात 2 से 3 बजे नलों में पानी नसीब होता है, लेकिन टंकियों तक पानी पहुंचने से पहले ही माफियाओं की मोटी पाइपलाइनें उसे हजम कर लेती हैं। हालात यह हैं कि शहर के काई टंकी को ध्वस्त कर दिया गया और बची टंकियां की देखरेख मरम्मत ना होने से जर्जर हो चुकी है। कामतघर हनुमान मंदिर के पास की टंकी जर्जर हालत में है। उसमें पानी भरते ही दिनभर बरसात जैसी धार टपकती रहती है और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। जिसका सबूत है। इस बीच, नारपोली नाले में दर्जनभर अवैध पाइपलाइनें डालकर सीधे डाइंग-साइजिंग कंपनियों तक पानी सप्लाई किया जा रहा है। शहर में ऐसी करीब 150–200 कंपनियां हैं, जिन्हें कपड़ा रंगाई और प्रोसेसिंग के लिए लाखों लीटर पानी चाहिए। स्थानीय आरोप है कि पानी माफिया इन कंपनियों को प्रचुर मात्रा में पानी सप्लाई कर रहे हैं और इसके बदले मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व आयुक्त द्वारा गठित भरारी पथक और जलापूर्ति अभियंता इस अवैध धंधे से अनजान नहीं हैं। छोटे पानी चोरों पर कागजी कार्रवाई जरूर होती है, लेकिन बड़े माफियाओं पर कभी शिकंजा नहीं कसां नहीं जाता। नागरिकों का आरोप है कि माफिया, रसूखदार नेताओं और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से ही यह करोड़ों का कारोबार फल-फूल रहा है। दक्ष नागरिकों की माने तो जब जनता बूंद-बूंद के लिए तरस रही है, तब नालों से बहती यह अवैध सप्लाई किसकी जेब भर रही है ? जलापूर्ति विभाग की चुप्पी अब उसकी कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।


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