साफ्टवेयर से जननी सुरक्षा योजना की नहीं हुई भुगतान
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jan 02, 2026
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रोहतास । जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को मातृत्व प्राप्त करने पर पौष्टिक आहार हेतु सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को 1400 तथा शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रूपये देने का प्रावधान है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं के बीच संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है, लेकिन खेद इस बात की है कि जननी सुरक्षा योजना की राशि का भुगतान जहाँ 48 घंटे के भीतर होना चाहिए, वहाँ स्वास्थ्य विभाग ने साफ्टवेयर बदलाव का हवाला देकर फरवरी-2025 से ही रोक रखा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले इस राशि का भुगतान चेक के माध्यम से होता था,किन्तु अब इसे डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर के जरिये भुगतान करने का प्रावधान है,लेकिन साफ्टवेयर के मकड़जाल में उलझी यह योजना अभी तक बाहर नहीं निकल सकी है,जिससे कि जिले में हजारों प्रसूति महिलाओं को यह राशि अभी तक नहीं मिल पायी है। फरवरी-2025 में स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया था कि अब पोर्टल के जरिये बैंक खाते में लाभुकों को यह राशि भेजी जायेगी। इसके लिए एएनएम को इंट्री तथा हेल्थ मैनेजर को स्वीकृति प्रदान करनी थी,लेकिन अभी तक न तो इंट्री ही हुई और न ही स्वीकृति प्रदान की गयी। जानकारी के मुताबिक अब यह जिम्मेदारी विभाग के लेखापाल को दी गयी है। यद्यपि कि उन पर पहले से ही कार्यों का अत्यधिक बोझ है,इसलिए वे इस कार्य को अपने ऊपर दबाव मान रहे हैं। लगभग एक वर्ष से साफ्टवेयर में उलझी इस योजना से परेशान ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलायें सरकारी अस्पतालों में जाने से परहेज करने लगी हैं,जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से घर में असुरक्षित प्रसव का खतरा बढ़ने लगा है।


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