विकास से कोसों दूर भिवंडी, लेकिन मनपा चुनाव में 40 उम्मीदवार करोड़पति
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jan 08, 2026
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90 सीटों के लिए 439 उम्मीदवार मैदान में, सबसे अमीर नगरसेवक की संपत्ति 60 करोड़ से अधिक
भिवंडी। भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका चुनाव का बिगुल बज चुका है। मनपा की कुल 90 सीटों के लिए मतदान होना है, जिसमें 439 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें से भारतीय जनता पार्टी के 6 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। एक ओर जहां भिवंडी को ‘पावरलूम नगरी’ और ‘श्रमिकों की नगरी’ के रूप में जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर शहर आज भी बुनियादी विकास से कोसों दूर नजर आता है।
ठाणे और मुंबई जैसे विकसित शहरों के निकट होने के बावजूद भिवंडी में सड़क, जलापूर्ति, जलनिकासी, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद चुनाव मैदान में उतरे और निर्विरोध चुने गए जनप्रतिनिधियों की संपत्ति पर नजर डालें तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आती है। उपलब्ध शपथपत्रों के अनुसार कुल 40 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
सबसे अमीर उम्मीदवारों की सूची में प्रभाग क्रमांक 17 (ब) से बीजेपी के निर्विरोध चुने गए सुमित पाटील सबसे आगे हैं। उनकी कुल संपत्ति 60.97 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। प्रभाग क्रमांक 1 (ड) से कोणार्क विकास आघाड़ी के पूर्व महापौर विलास पाटील की संपत्ति 56.83 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं उनकी पत्नी, प्रभाग क्रमांक 1 (ब) से पूर्व महापौर प्रतिभा पाटील की संपत्ति भी 56.83 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। उनके पुत्र, प्रभाग क्रमांक 1 (क) से उम्मीदवार मयूरेश पाटील की संपत्ति 3.09 करोड़ रुपये से अधिक है।
प्रभाग क्रमांक 23 (क) से बीजेपी के नारायण चौधरी की संपत्ति 55.75 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि प्रभाग क्रमांक 23 (ब) से बीजेपी की निर्विरोध चुनी गई भारती चौधरी की संपत्ति 35.57 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। प्रभाग क्रमांक 9 (अ) से शिंदेसेना के संजय म्हात्रे की संपत्ति 29.04 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रभाग क्रमांक 22 (अ) से बीजेपी की गीता नाईक की संपत्ति 26.13 करोड़ रुपये, प्रभाग क्रमांक 21 (ब) से शिंदेसेना की वंदना काटेकर की संपत्ति 25.23 करोड़ रुपये और प्रभाग क्रमांक 21 (ड) से शिंदेसेना के पूर्व उपमहापौर मनोज काटेकर की संपत्ति 24.71 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रभाग क्रमांक 6 (ड) से भिवंडी विकास आघाड़ी के जावेद दलवी की संपत्ति 23.99 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसके अलावा प्रभाग क्रमांक 21 (ब) से जय हिंद सेना की उम्मीदवार दक्षता चौधरी की संपत्ति 20.99 करोड़ और प्रभाग क्रमांक 23 (ड) से बीजेपी के निलेश चौधरी की संपत्ति 20.99 करोड़ रुपये बताई गई है। प्रभाग क्रमांक 22 (क) से बीजेपी के श्याम अग्रवाल की संपत्ति 17.17 करोड़ रुपये, प्रभाग क्रमांक 20 (क) से कांग्रेस की वैशाली म्हात्रे की संपत्ति 15.43 करोड़ रुपये और प्रभाग क्रमांक 23 (ड) से निर्दलीय उम्मीदवार अशोक पाटील की संपत्ति 13.83 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रभाग क्रमांक 20 (ब) से कांग्रेस के विकास पाटील की संपत्ति 12.37 करोड़ रुपये, प्रभाग क्रमांक 20 (ड) से एनसीपी (एपी) के राहुल पाटील की संपत्ति 10.40 करोड़ रुपये, प्रभाग क्रमांक 1 (अ) से कोणार्क विकास आघाड़ी की नेहा काठवले की संपत्ति 7.85 करोड़ रुपये और प्रभाग क्रमांक 20 (ब) से बीजेपी के प्रकाश टावरे की संपत्ति 7.71 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं प्रभाग क्रमांक 22 (ब) से शिंदेसेना के कमलाकर पाटील की संपत्ति 7.51 करोड़ रुपये, प्रभाग क्रमांक 1 (अ) से बीजेपी की पद्मा गाजेंगी की संपत्ति 5.69 करोड़ रुपये, प्रभाग क्रमांक 20 (ड) से बीजेपी के यशवंत टावरे की संपत्ति 5.25 करोड़ रुपये, प्रभाग क्रमांक 6 (ब) से बीजेपी की दक्षाबेन पटेल की संपत्ति 5.11 करोड़ रुपये और प्रभाग क्रमांक 21 (अ) से उद्धवसेना के अशोक भोसले की संपत्ति 5.04 करोड़ रुपये से अधिक है।प्रभाग क्रमांक 1 (क) में बीजेपी विधायक महेश चौघुले के पुत्र मित चौघुले की संपत्ति 1 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि उद्धवसेना के भूषण रोकडे की संपत्ति 90.44 लाख रुपये है। एक ओर शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों की संपत्ति वाले जनप्रतिनिधियों की संख्या पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में भिवंडी के मतदाताओं के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि आने वाले चुनाव में वे विकास को प्राथमिकता देंगे या फिर परंपरागत राजनीति को देंगे।


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