लोहार समाज की एकजुटता: रामगढ़ में सामाजिक चेतना शिविर का आयोजन, अधिकारों के लिए भरी हुंकार

कैमूर ।। रामगढ़  बाजार स्थित रविवार को  माधव पैलेस में बिहार लोहार महासभा के तत्वावधान में 'सामाजिक चेतना शिविर सह दही-चूड़ा भोज' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में समाज के बुद्धिजीवियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया, जहाँ सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और राजनीतिक उपेक्षा के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लिया गया।

​सम्मान और संचालन

​कार्यक्रम की अध्यक्षता और सफल संचालन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक हरिदास शर्मा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में समाज को शिक्षा और संगठित शक्ति के महत्व को समझाया।



​मंच पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में:

​विजय विश्वकर्मा (नालंदा)

​अरुण विश्वकर्मा (पटना)

​भरत विश्वकर्मा (गाजीपुर, उत्तर प्रदेश)

सहित कई दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति से समाज का मनोबल बढ़ाया।

​शिविर के दौरान वक्ताओं ने समाज की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे रखे:

​जाति प्रमाण पत्र में सुधार: वर्षों से चली आ रही विसंगति को दूर कर जाति प्रमाण पत्र में 'लोहार' शब्द को स्पष्ट रूप से निर्गत करने की मांग की गई (कमार, कर्मकार के भ्रम को समाप्त करने पर जोर)।

​स्वतंत्रता सेनानी का सम्मान: महान स्वतंत्रता सेनानी राम गोविंद लोहार की प्रतिमा अब तक स्थापित न होने पर रोष प्रकट किया गया।

​कल्याण बोर्ड: समाज के सर्वांगीण विकास के लिए 'विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड' की स्थापना की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

​"लोहार समाज को दशकों से हाशिये पर रखा गया है। अब समय आ गया है कि हम अपनी पहचान और अधिकारों के लिए मुखर होकर अपनी आवाज बुलंद करें।" — मंच से वक्ताओं का साझा संदेश

​कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

​इस अवसर पर समाज के कई जाने-माने चेहरे मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:

जदयू प्रखंड अध्यक्ष शशिकांत विश्वकर्मा, प्रखंड अध्यक्ष महात्मा शर्मा, महासचिव दीनानाथ शर्मा, संरक्षक नरेंद्र शर्मा, मोहन शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, वार्ड पार्षद रेखा कुमारी, शिक्षक कमलेश शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, मोती शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि सुनील शर्मा और रामावतार शर्मा सहित सैकड़ों समाजसेवी और बुद्धिजीवी शामिल थे।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट