विशेष निगरानी इकाई ने 20000 रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा दो कृषि विभाग के अधिकारियों को
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jan 31, 2026
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कैमूर(बिहार)-- विशेष निगरानी इकाई द्वारा किसानों से 20 हजार की घूस लेते पकड़े गए दो अधिकारी, विशेष निगरानी इकाई की कार्रवाई से कैमूर में मचा हड़कंप। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बकाया भुगतान के बदले रिश्वत मांगने वाले भूमि संरक्षण विभाग के दो अधिकारियों को विशेष निगरानी इकाई ने कैमूर में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आपको बताते चलें कि शिकायतकर्ता उमेश कुमार पिता- सिद्धनाथ सिंह, गांव-गम्हरियां, थाना-अधौरा, जिला-कैमूर एवं अरविंद कुमार पिता-राजेश्वर सिंह, गांव-कलहुँआ, थाना-अधौरा ने विशेष निगरानी इकाई, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी. आरोपियों ने किसानों को धमकाया कि 20 हजार रुपये नहीं दिए तो बकाया राशि नहीं मिलेगी. शिकायत की सत्यापन के बाद SVU ने ट्रैप लगाया।गिरफ्तार आरोपी रविशंकर राम, सहायक निदेशक एवं अंजनी कुमार, अभियंत्रण विशेषज्ञ हैं। दोनों ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0) के तहत किए गए कार्यों के बकाया बिल भुगतान के लिए किसानों से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।बता दे कि यह पहली बार नहीं है जब भूमि संरक्षण विभाग में घूसखोरी का मामला प्रकाश में आया है। कैमूर पहाड़ी पर ऐसे सरकारी योजनाओं के लाभ देने को लेकर सम्बंधित अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा लाभुक से कमीशन के बाद ही लाभ देते है कितने लाभुक घुस दे कर चुप हो जाते हैं. वहीं कई लाभुक इसका विरोध करते है और कार्रवाई भी कराते है। 29 जनवरी 2026 को रविशंकर राम ने रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए. मौके पर मौजूद टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया गया,अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार ने इसकी पुष्टि की।विशेष निगरानी इकाई के एसपी चंद्रभूषण के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। आरोपी से पूछताछ के बाद आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है, किसानों के हित में ऐसी योजनाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए सतर्कता जरूरी है।


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