भगवानपुर बाजार में एक युवक की हत्या मामले में 10 दिन में पुलिस उद्भेदन कर दो शूटर समेत चार लोगों को किया गिरफ्तार
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Feb 01, 2026
- 111 views
प्रेम प्रसंग में रची गई इस साजिश ने एक निर्दोष की ले लिया जान
अनुमंडल संवाददाता सिंगासन सिंह यादव की रिपोर्ट
भभुआं(कैमूर)-- अनुमंडल के भगवानपुर थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रेम प्रसंग में रची गई साजिश के तहत अपराधियों का निशाना कोई और था, लेकिन गलत पहचान के चलते एक निर्दोष युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कैमूर एसपी ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी है।
बीते 21 जनवरी 2026 की संध्या, भगवानपुर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान सुशील चौरसिया, पिता रघुवर चौरसिया, निवासी कारवांदीया, थाना चांद, जिला कैमूर के रूप में हुई।
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए कैमूर पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने भगवानपुर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह हत्या प्रेम प्रसंग से जुड़ी थी। अपराधियों का असली निशाना भगवानपुर निवासी प्रेम पासी, पिता स्वर्गीय पूर्णमासी पासी था, लेकिन गलतफहमी में निर्दोष सुशील चौरसिया को गोली मार दी गई।एसपी ने बताया कि अपराधियों ने हत्या से तीन–चार दिन पहले भी प्रेम पासी को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उसी दौरान पुलिस की गाड़ी आ जाने से वे फरार हो गए थे।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में सुहेल खान, पिता रियासत अहमद खान, निवासी सिकंदरपुर, थाना चैनपुर,और आशीष पांडे, पिता गौरी शंकर पांडे, निवासी धोबहा, थाना चांद शामिल हैं।
इसके अलावा भगवानपुर थाना क्षेत्र की एक युवती और एक नाबालिग बालक को भी गिरफ्तार किया गया है, जो अपराधियों को सूचना देकर लाइनर का काम कर रहा था।
पूछताछ में अभियुक्त सुहेल खान ने बताया कि वह युवती को पिछले छह महीनों से बहन मानता था। युवती का पहले प्रेम संबंध प्रेम पासी से था, लेकिन अब वह उससे शादी नहीं करना चाहती थी। आरोप है कि प्रेम पासी शादी में बाधा बन रहा था और उसे ब्लैकमेल भी कर रहा था, जिससे युवती काफी परेशान थी।
इसी कारण युवती ने सुहेल खान से संपर्क कर प्रेम पासी को रास्ते से हटाने की बात कही। लगातार दबाव और फोन कॉल के चलते सुहेल खान ने पहले भी दो बार अकेले और एक बार आशीष पांडे के साथ मिलकर हत्या का प्रयास किया, लेकिन हर बार असफल रहा।
घटना के दिन सुहेल खान और आशीष पांडे ने मोटरसाइकिल से इलाके की रेकी की। इस दौरान एक नाबालिग बालक प्रेम पासी की लोकेशन अपराधियों को दे रहा था। प्रेम पासी अपनी मोटरसाइकिल मुन्ना मिस्त्री की दुकान के सामने खड़ी कर दुकान के अंदर चला गया।
इसी दौरान ठंड से बचने के लिए मफलर से मुंह ढके सुशील चौरसिया, प्रेम पासी की मोटरसाइकिल के पास खड़ा था। अपराधियों ने उसे ही प्रेम पासी समझ लिया। आशीष पांडे मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि पीछे बैठे सुहेल खान ने लोडेड पिस्तौल से सुशील चौरसिया को गोली मार दी।
हत्या के बाद दोनों आरोपी भभुआ–दतियाव मार्ग से होते हुए अपने गांव फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल सभी आरोपियों को भभुआ न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


रिपोर्टर