मिशन वात्सल्य योजना के तहत् वल्नरेबिलिटी मैंपिंग के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
- राजेंद्र यादव, ब्यूरो चीफ, मध्यप्रदेश
- Feb 04, 2026
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राजगढ़। मिशन वात्सल्य योजना के तहत् जोखिम ग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की वल्नरेबिलिटी मैंपिंग के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार को कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल बंजारे के मुख्य आतिथ्य में जिला पंचायत सभागार में किया गया। कार्यशाला में श्रीमती अर्घा तिवारी, मास्टर ट्रेनर उदयन केयर एवं श्रीमती इंदू सारस्वत, राज्य समन्वयक, ममता संस्था के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। उपरोक्त कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री श्याम बाबू खरे, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, न्याय विभाग, प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर के समस्त परियोजना अधिकारी समस्त पर्यवेक्षक एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताऐं व सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहें।
कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा निर्देशित किया गया कि जिले के जोखिम ग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों का चिन्हांकन किया जाए। चिन्हांकन उपरांत उन्हे शासन की विभिन्न योजनाओं से जोडा जाए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा बाल संरक्षण, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल सगाई आदि विषयों पर प्रकाश डालते हुए पुनः जिले में जागरूकता अभियान चलाये जाने हेतु निर्देश दिए गए। साथ ही जोखिम ग्रस्त क्षेत्रों में चिन्हांकन करते समय यह ध्यान भी रखना आवश्यक है कि कोई बच्चा न छुटे और बच्चों को जोखिम से बचाव एवं दूर रखने हेतु के नियमित रूप से प्रयास आवश्यक हैं।
साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल बंजारे द्वारा बताया गया कि पुलिस विभाग द्वारा जोखिम ग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के साथ ही अन्य बच्चों के लिए नियमित रूप से प्रयास किये जा रहे है। जिनमे मुख्य रूप से बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराध, बाल विवाह, बाल श्रम आदि पर तत्काल पुलिस विभाग द्वारा कार्यवाही जाती है।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री श्याम बाबू खरे द्वारा बताया गया कि किशोर न्याया समिति उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के प्रावधानों के तहत् बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण के सकारात्मक उपाय के सिद्धांत के अनुसार परिवार एवं समुदाय में सभी संसाधनों को जुटा कर बच्चों की भलाई को बढ़ावा देने एवं जोखिम ग्रस्त बच्चों की पहचान को सुगम बनाया जाकर एक समावेशी ओर सक्षम वातावरण तैयार किये जाने हेतु प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में प्रशिक्षक श्रीमती अर्घा तिवारी एवं इंदू सारस्वत द्वारा उपस्थित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को वल्नरेबिलिट मैंपिंग के बारे प्रजेंटेशन के माध्यम से में बताया गया की मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत जोखिम में रहने वाले बच्चों या परिवारों की पहचान करके उन्हे सामाजिक एवं बाल संरक्षण प्रणाली के दायरे में लाया जा सकता है। वलनरेबिलिटि का कार्य आंगनवाडी कार्यकर्ता के माध्यम से किया जाएगा। जिसकी कार्ययोजना का निर्माण किया गया।


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