भिवंडी महापौर चुनाव से पहले सियासी भूचाल

प्रबल दावेदार विलास पाटील न्यायिक हिरासत में, वोटिंग के दिन पुलिस बंदोबस्त में लाए जाएंगे


भिवंडी। भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका के महापौर चुनाव से ठीक पहले शहर की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। महापौर पद के प्रबल दावेदार और कोणार्क विकास आघाड़ी के नेता तथा पूर्व महापौर विलास पाटील को भिवंडी सत्र न्यायालय ने मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिससे चुनावी समीकरणों में अचानक उथल-पुथल मच गई है। हालांकि अदालत ने उन्हें 20 फरवरी को होने वाले महापौर चुनाव में मतदान के लिए कड़ी पुलिस सुरक्षा में पालिका मुख्यालय स्थित सभागृह लाने की अनुमति देकर राजनीतिक माहौल को और ज्यादा रोमांचक बना दिया है।

 मिली जानकारी के मुताबिक, ठाणे आर्थिक अपराध शाखा ने 13 फरवरी की देर रात आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में विलास पाटील को हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी थी। अगले ही दिन शनिवार को विशेष सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद से पूरे शहर की नजरें इस मामले पर टिकी हुई थीं। गिरफ्तारी के बावजूद विलास पाटील ने अपने राजनीतिक कदम पीछे नहीं खींचे। 16 फरवरी को अदालत की अनुमति से उन्हें पुलिस बंदोबस्त में महानगरपालिका लाया गया, जहां उन्होंने महापौर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की कि वे अभी भी मुकाबले में मजबूती से डटे हुए हैं। मंगलवार को ऑनलाइन माध्यम से हुई सुनवाई में अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। उनके वकील एडवोकेट नारायण अय्यर ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया है कि 20 फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच होने वाले महापौर चुनाव में भाग लेने के लिए उन्हें पुलिस सुरक्षा में महानगरपालिका लाया जा सकता है। इस घटनाक्रम ने भिवंडी की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है। एक ओर महापौर पद की दौड़ तेज हो चुकी है, तो दूसरी ओर न्यायिक हिरासत में रहते हुए चुनावी मैदान में बने रहने वाले विलास पाटील का मामला चुनाव को हाई-वोल्टेज बना रहा है। अब सबकी निगाहें मतदान के दिन पर टिकी हैं, जहां हर वोट सत्ता की दिशा तय करेगा और भिवंडी की राजनीति का नया अध्याय लिख सकता है।

रिपोर्टर

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