भिवंडी में आधी रात चला बुलडोजर,सौंदर्यीकरण ध्वस्त

CSR फंड से बना निर्माण तोड़ा, अतिक्रमण जस का तस

भिवंडी। शहर के सबसे व्यस्त बंजारपट्टी नाका क्षेत्र में बुधवार देर रात मनपा प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। उड़ान पुल के नीचे CSR फंड से किए गए सौंदर्यीकरण निर्माण को रात करीब सवा एक बजे अचानक तोड़ दिया गया। पालिका आयुक्त, महापौर और उपमहापौर के आदेश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान हलचल मच गई। मुख्य शहर अभियंता जमील पटेल तथा अभियंता विनोद मते की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से सौंदर्यीकरण संरचना हटाई गई।

बताया जा रहा है कि बंजारपट्टी नाका स्थित बहारे मदीना मस्जिद के सामने नमाज के समय बड़ी संख्या में वाहनों की पार्किंग होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही थी। सड़क किनारे वाहन खड़े रहने से रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती थी। स्थानीय नागरिकों की मांग पर यहां वाहन पार्किंग सुविधा विकसित करने के लिए यह कार्रवाई की गई। हालांकि कार्रवाई के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मस्जिद के मुख्य द्वार और आसपास सड़क किनारे लंबे समय से बने अवैध दुकान गाले और अतिक्रमण आज भी जस के तस मौजूद हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि सरकारी फंड से बने सौंदर्यीकरण को रातों-रात तोड़ दिया गया। नागरिकों का कहना है कि यदि यातायात सुधार ही उद्देश्य है तो पहले स्थायी अतिक्रमण हटाए जाने चाहिए थे। प्रशासन के इस फैसले को लेकर शहर में “सौंदर्यीकरण तोड़ा, अतिक्रमण छोड़ा” जैसी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्य शहर अभियंता जमील पटेल ने बताया कि यह कार्रवाई वरिष्ठ स्तर से प्राप्त आदेशानुसार की गई है और यहां वाहन पार्किंग विकसित कर ट्रैफिक समस्या कम करने का प्रयास किया जाएगा। आधी रात हुई इस कार्रवाई ने मनपा की कार्यप्रणाली, विकास कार्यों की प्राथमिकता और अतिक्रमण नीति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब शहरवासियों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन आगे अवैध कब्जों पर भी समान कार्रवाई करता है या नहीं।

रिपोर्टर

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