ससुराल वालों की पिटाई के बाद महिला ने लगाई फांसी परिवार ने लाश ठिकाने लगाने की रची साजिश
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- May 09, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर-- जिला के करमचट थाना क्षेत्र के मडैचा गांव से तीन दिन पूर्व लापता विवाहिता के मामले में गुरुवार को एक सनसनीखेज खुलासा हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की मौत के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को अधौरा पहाड़ी के जंगल में ले जाकर जला दिया गया। मामले में पुलिस ने रामपुर प्रखंड के उपप्रमुख समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ के दौरान घटना से जुड़ी कई अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं।
करमचट थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में रामपुर प्रखंड के उपप्रमुख सह मडैचा गांव निवासी सुनील यादव तथा इंद्रजीत यादव उर्फ इंदल शामिल हैं। सुनील मृतका के रिश्ते में भैसुर और इंदल देवर लगता है। अन्य स्वजन अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए
छापेमारी जारी है। मृतका के पिता शिव प्रसाद यादव ने पांच मई को करमचट थाने में बेटी के लापता होने का आवेदन दिया था। जिसमें कहा था कि उनकी बेटी चार मई से ससुराल से गायब है। मामले में पुलिस ने तकनीकी जांच और खोजबीन शुरू कर दी। पुलिस जब मडैचा गांव स्थित
ससुराल पहुंची तो घर के कई सदस्य फरार मिले।
संदेह के आधार पर पुलिस ने छह मई को मृतका के भैसुर सुनील यादव और देवर इंदल यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि चार मई को
पिंकी देवी और इंदल की पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद रात में पिंकी देवी ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। मामला पुलिस तक न पहुंचे और सच्चाई सामने न आए, इसके लिए शव को रातोंरात ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि पांच मई की अहले सुबह शव को वाहन से अधौरा पहाड़ी के जंगल में ले जाया गया और वहां सुनसान इलाके में जला दिया गया। पुलिस बुधवार की रात दोनों आरोपियों को लेकर जंगल पहुंची थी, लेकिन अंधेरा होने के कारण सटीक स्थान की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद गुरुवार को एफएसएल की तीन सदस्यीय टीम, जांच अधिकारी प्राची कुमारी, थानाध्यक्ष, दोनों आरोपियो तथा मृतका के पिता के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की गई। मुसहरवा बाबा और धरती माता जंगल के बीच स्थित उस स्थान की पहचान कराई गई
फारेंसिक टीम ने घटनास्थल से जले हुए अवशेष, राख और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। इन नमूनों को डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पुष्टि हो सके कि जला हुआ शव पिंकी देवी का ही था या किसी अन्य व्यक्ति का। मृतका के पिता ने इसे हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए शव जला दिया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम व डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। करमचट थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों को शुक्रवार को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा।
करमचट थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि मृतिका पिंकी देवी मड़ेचा गांव निवासी सर्वजीत यादव के पत्नी थी जिनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र लगभग छह वर्ष और चार वर्ष बताई गई है


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