ईंधन की कीमतों में लगी आग पर जन सुराज हमलावर, राघवेंद्र कुमार बोले- "जनता की कमर तोड़ रही है सरकार

ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट 

शिवहर-- पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। जन सुराज पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राघवेंद्र कुमार ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे 'जनविरोधी' करार दिया है। उन्होंने कहा कि महंगाई से पहले ही त्रस्त आम जनता पर पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम बोझ बनकर गिरे हैं।

"अमेरिका के दबाव में नीतियां बना रही मोदी सरकार"

प्रेस को संबोधित करते हुए राघवेंद्र कुमार ने गंभीर आरोप लगाया कि रूस जैसे मित्र देशों से सस्ते दर पर कच्चा तेल मिलने के बावजूद भारत सरकार विदेशी दबाव में फैसले ले रही है। उन्होंने कहा, "समझ से परे है कि जब सस्ता तेल उपलब्ध है, तो नरेंद्र मोदी सरकार आखिर किसके दबाव में आम लोगों की जेब काट रही है? सरकार को राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए, न कि विदेशी शक्तियों के दबाव में नीतियां बनानी चाहिए।"

किसानों और छात्रों पर पड़ेगा सीधा असर

मुख्य प्रवक्ता ने कीमतों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पेट्रोल पर ₹3.15 और डीजल पर ₹3.10 की वृद्धि ने देश की आर्थिक रीढ़ को चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा

किसानों पर मार: डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ेगी।

महंगाई का चक्र: माल ढुलाई महंगी होने से खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ेंगे।

मध्यम वर्ग की चिंता: छात्र, मजदूर और छोटे व्यापारी इस बेतहाशा महंगाई में पिस रहे हैं।

असुरक्षा और बेरोजगारी के बीच बढ़ा आर्थिक बोझ

राघवेंद्र कुमार ने केंद्र को घेरते हुए कहा कि देश आज सिर्फ महंगाई ही नहीं, बल्कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सामाजिक असुरक्षा जैसे गंभीर संकटों से भी जूझ रहा है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और प्रशासनिक विफलताओं ने पहले ही जनता का भरोसा तोड़ा है, ऐसे में ईंधन के दाम बढ़ाना जनता की परेशानियों की अनदेखी करना है।

सरकार से मांग:

जन सुराज पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए। राघवेंद्र कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए ठोस और पारदर्शी आर्थिक नीतियां बनाने की जरूरत है।

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