गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC), शिवहर में 'बाल अधिकार एवं संरक्षण' पर विशेष चर्चा का आयोजन

ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट 

शिवहर----- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC), शिवहर के प्रांगण में 'बाल अधिकार एवं संरक्षण' विषय पर एक दिवसीय जागरूकता सह संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC), शिवहर और 'सवेरा' स्वयंसेवी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केशवेन्द्र चौधरी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में बाल अधिकार, बाल संरक्षण और सामाजिक कानूनों जैसे अति-संवेदनशील विषयों पर इस प्रकार का जागरूकता सह संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित करना सवेरा स्वयंसेवी संगठन का एक अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय प्रयास है। 


उन्होंने कहा, "भावी इंजीनियरों और युवाओं को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाना आवश्यक है, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों और कानूनी अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सवेरा संगठन द्वारा समाज सुधार और बाल कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य वास्तव में प्रशंसा के योग्य हैं।"

वहींअकादमिक डीन प्रो. जयशंकर प्रसाद केशरीक्षने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सामाजिक सरोकारों से जुड़ने पर जोर दिया और कहा कि एक सजग नागरिक और इंजीनियर के रूप में युवाओं को समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मोहन कुमार सचिव, सवेरा स्वयंसेवी संगठन ने अपने सारगर्भित एवं विस्तृत संबोधन में बाल अधिकार, बाल संरक्षण, तथा बच्चों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कानूनी ढांचों पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चे किसी भी समाज का भविष्य होते हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का नैतिक कर्तव्य है।


मोहन कुमार ने बाल अधिकारों के चार मूलभूत स्तंभों के बारे में विस्तार से समझाया है।

जीवन जीने का अधिकार,

 विकास का अधिकार

  संरक्षण का अधिकार,

 सहभागिता का अधिकार

बाल श्रम (प्रतिषेध एवं नियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे अपनी तकनीकी दक्षता और सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में बाल अधिकारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। 


महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर चर्चा की गई है।सुश्री रानी कुमारी केंद्र प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर इन्होंने 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम' तथा 'घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम' के बारे में जानकारी दी। साथ ही वन स्टॉप सेंटर से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी, चिकित्सकीय व परामर्श सुविधाओं के बारे में बताया।

निशा कुमारी, डीएसपी (साइबर सेल, शिवहर इन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत किया। उन्होंने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा, साइबर बुलिंग और डिजिटल सुरक्षा के व्यावहारिक टिप्स दिए तथा साइबर अपराध होने पर त्वरित शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया।

प्रतिनिधियों ने बाल संरक्षण तंत्र तथा देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी व पुनर्वास योजनाओं की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्टूडेंट एक्टिविटी काउंसिल प्रभारी राजू कुमार शर्मा एवं सुमित सरदेसाई कार्यक्रम समन्वयक आदित्य नारायण पांडे तथा SAC के सभी समर्पित स्वयंसेवकों को विशेष रूप से धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित किया गया, जिनके कुशल प्रबंधन और अथक प्रयास से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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