नौकरी के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड, एक गिरफ्तार

10 खातों से 13 लाख की ठगी, 8 शिकायतें दर्ज, पटना से चल रहा था गिरोह


रिपोर्ट संदिप कुमार 


कैमूर:-- साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक ही व्यक्ति के नाम से तीन-तीन बैंकों में खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड किया जा रहा है। कैमूर साइबर थाना पुलिस ने जिले में ऐसे 10 बैंक खातों को चिह्नित किया है। इन खातों के जरिए 13 लाख रुपये की ठगी हुई है और 8 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

कैमूर साइबर डीएसपी नीतू सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम स्पेशल यूनिट, बिहार, पटना द्वारा कुछ म्यूल अकाउंट की जांच से संबंधित सूची भेजी गई थी। इसी क्रम में खाताधारकों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया। जांच में सामने आया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, चैनपुर शाखा में खुले दो खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया था। पूछताछ में खाताधारकों ने बताया कि भभुआ थाना क्षेत्र के मोकरी गांव निवासी और वर्तमान में भभुआ वार्ड-1 में रह रहे सत्येंद्र तिवारी ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे तीन-तीन बैंक खाते खुलवाए। खाता खुलवाने के बाद उनसे पासबुक, एटीएम कार्ड और पैन कार्ड ले लिए गए। सूचना पर पुलिस ने सत्येंद्र तिवारी के घर छापेमारी की। वहां से दो पैन कार्ड और कई शैक्षणिक प्रमाण-पत्र बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी सत्येंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।

साइबर डीएसपी नीतू सिंह ने बताया, "पटना साइबर यूनिट से मिले 10 म्यूल अकाउंट की जांच की गई। इनमें 8 पर शिकायत दर्ज थी और कुल 13 लाख रुपये का फ्रॉड हुआ है। आरोपी नौकरी का झांसा देकर छात्रों और बेरोजगारों से खाते खुलवाते थे। फिर उनके दस्तावेज लेकर खातों का इस्तेमाल ठगी में करते थे।"  

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सत्येंद्र तिवारी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि पटना से एक व्यक्ति पूरे गिरोह को ऑपरेट करता था। उससे पूछताछ जारी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। नौकरी के नाम पर भोले-भाले युवाओं से खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड किया जा रहा था। एक आरोपी गिरफ्तार है। पटना कनेक्शन की जांच चल रही है। युवाओं से अपील है कि नौकरी के नाम पर अपने दस्तावेज किसी को न दें।

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