बेखौफ चोरों का आतंक: घर के सामने बंधी तीन भैंसें चोरी, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jun 02, 2026
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दो लाख की पशुधन चोरी से गांव में दहशत, चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने में स्थानीय प्रशासन दिख रही विफल
संवाददाता रूपेश कुमार दूबे की रिपोर्ट
कैमूर--- जिले के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरकोना गांव में अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देकर ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया है। चोरों ने देर रात घर के सामने बंधी तीन भैंसों की चोरी कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है।
पीड़ित विजेंद्र कुमार सिंह एवं दिनेश कुमार सिंह, ने बताया कि रात्रि करीब 1 से 2 बजे के बीच अज्ञात चोर उनके घर के सामने बंधी तीन भैंसों को खोलकर ले गए। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो पशुओं के गायब होने की जानकारी मिली, जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों के अनुसार चोरों ने आसपास बंधी अन्य गाय और भैंसों को भी चोरी करने का प्रयास किया था, लेकिन किसी कारणवश वे उसमें सफल नहीं हो सके। इससे साफ संकेत मिलता है कि चोर सुनियोजित तरीके से गांव में पशु चोरी की नीयत से पहुंचे थे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने कुदरा थाना अध्यक्ष को दूरभाष के माध्यम से जानकारी दी। चोरी हुई तीनों भैंसों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है। पशुपालन पर निर्भर परिवार के लिए यह नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है।
घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि कुदरा प्रखंड क्षेत्र में आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक कई मामलों का खुलासा नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहा है, जिससे चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरी गई भैंसों की बरामदगी तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास के क्षेत्रों में संभावित सुराग तलाशे जा रहे हैं, वही इस संबंध में कुदरा थाना अध्यक्ष से दूरभाष के माध्यम से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उनके द्वारा कॉल का जवाब नहीं दिया गया आपको बता दें कि आए दिन कोई भी मामले में दूरभाष के माध्यम से कुदरा थाना अध्यक्ष से जानकारी लेने का कोशिश किया जाता है तो उनके द्वारा पत्रकारों का कॉल रिसीव नहीं किया जाता है।


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