बचपन बचाने का संकल्प, बाल श्रम के खिलाफ जन-जागरण 12 जून को
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jun 12, 2026
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समाज अगर ठान ले तो कोई भी बच्चा मजबूरी में काम नहीं करेगा : सवेरा स्वयं संगठन सचिव
ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट
शिवहर-- कल 12 जून यानी शुक्रवार को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सवेरा स्वयं संगठन भी शिरकत करेगा।इस दौरान बचपन को कलंकित करने वाले बाल श्रम के विरुद्ध वृहद जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।संगठन के सचिव मोहन कुमार ने बताया कि समाज में फैली अशिक्षा और गरीबी की वजह से आज भी हजारों बच्चे स्कूल की जगह होटलों, ढाबों, ईंट-भट्ठों और खेतों में काम करने को मजबूर हैं। यह बच्चों के बचपन पर सीधा हमला है और देश के भविष्य के लिए घातक है।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने आसपास बाल श्रम होते देखे तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं 9471229133, 112 पर सूचना दे। केवल कानून बनाने से बाल श्रम नहीं रुकेगा जब तक समाज की सोच नहीं बदलेगी। हर बच्चे को किताब और खिलौने मिलें, औजार नहीं, यही हमारा संकल्प होना चाहिए।कार्यक्रम के तहत शहर के मुख्य चौक पर नुक्कड़ नाटक और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से जोड़ना और बच्चों को शोषण से मुक्त कराकर स्कूल तक पहुंचाना है।सचिव ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है जिसे मिटाने के लिए हर घर से पहल जरूरी है। सवेरा स्वयं संगठन पिछले 10-15 वर्षों से लगातार बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहा है। संगठन अब तक 200 से अधिक बच्चों का जीवन संवार चुका है।मोहन कुमार का मानना है कि यदि समाज ठान ले तो कोई भी बच्चा मजबूरी में काम नहीं करेगा। आइए इस बाल श्रम निषेध दिवस पर हम सब मिलकर यह शपथ लें कि न तो बाल श्रम करवाएंगे और न होने देंगे।


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