कुदरा नगर पंचायत के EO पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, सरकार ने डीएम से मांगी जांच रिपोर्ट

2% कमीशन और सरकारी राशि के बंदरबांट का आरोप, 15 दिन में शपथ पत्र नहीं दिया तो शिकायत होगी खारिज

संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट

कैमूर--- कुदरा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। निविदा पास कराने के बदले 2% कमीशन मांगने और सरकारी राशि के बंदरबांट का आरोप लगाते हुए दो लोगों ने सरकार से शिकायत की है। नगर विकास विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए कैमूर डीएम से जांच रिपोर्ट तलब की है।  

क्या है मामला 

1. अरूण कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि निविदा सूचना 01, 02, 03, 04 और पुर्ननिविदा 01/2025-26 के ग्रुप 06, 07, 08, 26 के एकरारनामा के लिए राशि जमा करने के बाद भी EO ने कर्मी के जरिए 2% कमीशन मांगा।  

2. कृष्णा प्रसाद ने शिकायत की कि EO विभागीय नियम तोड़कर मनमाने तरीके से सरकारी पैसे का बंदरबांट कर रहे हैं।  

सरकार का एक्शन 

नगर विकास विभाग के संयुक्त निदेशक शशि भूषण प्रसाद ने 30 अप्रैल 2026 को कैमूर डीएम को पत्र भेजा है। डीएम से कहा गया है कि दोनों शिकायतों की बिंदुवार जांच कराकर मंतव्य सहित रिपोर्ट जल्द भेजें ताकि आगे कार्रवाई हो सके।  

शिकायतकर्ताओं को नोटिस

विभाग के अपर निदेशक उमाकान्त पाण्डेय ने अरूण कुमार गुप्ता को 2 फरवरी 2026 को नोटिस भेजा है। सामान्य प्रशासन विभाग के नियम के मुताबिक शिकायतकर्ता को 15 दिन में शपथ पत्र और लिखित पुष्टि देनी होगी। शपथ पत्र में लिखना होगा कि उन्हें मामले की निजी जानकारी है और वे सबूत देने को तैयार हैं।  

नहीं दिया शपथ पत्र तो शिकायत खारिज

नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर 15 दिन में मूल शपथ पत्र और लिखित पुष्टि नहीं मिली तो शिकायत को नियम के तहत बंद कर दिया जाएगा।  


अब सबकी नजर डीएम की जांच पर है। अगर आरोप सही मिले तो कुदरा नगर पंचायत के EO पर गाज गिर सकती है।

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