शहीदों जैसी विदाई: सड़क हादसे में दिवंगत थाना प्रभारी साजन पासवान को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jun 13, 2026
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तिरंगे में लिपटा शव पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब, पुलिस अधिकारियों ने दी सलामी; पूरे कैमूर में शोक की लहर
संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर--- जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भोपतपुर गांव में शनिवार को उस समय शोक का माहौल छा गया जब बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में दिवंगत मधेपुरा जिले के रतवारा थाना प्रभारी साजन पासवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया और अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
गौरतलब है कि गुरुवार को बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में थाना प्रभारी साजन पासवान की मौत हो गई थी। उनके निधन की खबर मिलते ही कैमूर जिले सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर भोपतपुर गांव पहुंचा, परिजन, रिश्तेदार, ग्रामीण और शुभचिंतक बड़ी संख्या में अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हो गए।
अंतिम संस्कार से पूर्व आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत अधिकारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कैमूर पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने दिवंगत थाना प्रभारी के पिता को राष्ट्रीय ध्वज सौंपकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पुलिस विभाग की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान प्रदान किया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी दी। पुलिस की ओर से सम्मान स्वरूप फायरिंग कर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस भावुक दृश्य को देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि साजन पासवान एक कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और संवेदनशील पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनता की सेवा की। उनके असामयिक निधन को क्षेत्र और पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने कहा कि उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
दिवंगत अधिकारी के अंतिम दर्शन और अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का वातावरण बना रहा। नम आंखों से लोगों ने अपने प्रिय बेटे और कर्मठ पुलिस अधिकारी को अंतिम विदाई दी।


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