भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में डालमियानगर में आक्रोश कैंडल मार्च, जीतन राम मांझी का पुतला दहन


संवाददाता पारसनाथ दुबे


डेहरी रोहतास।भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में रविवार को जय भारतीय सेवा संस्थान, राष्ट्रीय सवर्ण कल्याण मोर्चा और भारतीय ब्राह्मण महासभा के बैनर तले कैंडल मार्च निकाला गया। सैकड़ों बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हनुमान मंदिर से एकता चौक तक मार्च कर "भारत माता की जय", "शहीद भरत भूषण तिवारी अमर रहे" के नारे लगाए। समापन पर कैबिनेट मंत्री जीतन राम मांझी का पुतला दहन किया गया।


प्रमुख बयान

विनय बाबा, सचिव जय भारतीय सेवा संस्थान व अध्यक्ष अनुमंडल पूजा समिति: "सरकार मौखिक रूप से अगड़े-पिछड़े की बात करती है, लेकिन पिछड़ों के लिए संघर्ष करने वाले भरत तिवारी वर्तमान सरकार की नीति का शिकार हुए। जीतन राम मांझी का बयान शर्मनाक है, उन्हें तत्काल पदमुक्त किया जाए। न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन होगा।"

- सुरेंद्र तिवारी, अध्यक्ष सवर्ण समाज: "भरत तिवारी समाज की कुरीतियों से लड़ने वाले अमर योद्धा थे। सरकार की गलत नीति ने उन्हें मार डाला। शहीद का दर्जा, 5 करोड़ सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले।"



- भरत तिवारी को शहीद का दर्जा

- परिजनों को 5 करोड़ रुपये आर्थिक सहायता  

- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी

- एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा, बर्खास्तगी और फांसी

- दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई


*मार्च में शामिल प्रमुख लोग*  

अधिवक्ता उमाशंकर पांडेय, प्रवीण दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल मिश्रा, पंकज ओझा, पारस दुबे, महेंद्र सिंह, राम इकबाल सिंह, कृष्ण विजय दुबे, हेमंत राय, अजय गुप्ता, अनिल गुप्ता, आलोक सिंह, परशुराम दुबे मनीष सिंह सहित कई गणमान्य।



भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुआ था। समर्थक इसे फर्जी बताकर लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।

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