प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम की समीक्षा: 6,718 बच्चों का सर्वे, डीएम ने समयबद्ध स्वास्थ्य जांच व उपचार के दिए निर्देश

ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट 

गयाजी------- जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता, आईसीडीएस, समाज कल्याण विभाग, यूनिसेफ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कार्यक्रम के तहत बच्चों के सर्वेक्षण, पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार, प्रशिक्षण तथा विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि एनआईसी (NIC) द्वारा विकसित प्रज्ञा शक्ति पोर्टल पर अब तक 6,718 बच्चों का सर्वेक्षण एवं पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि शेष बच्चों का सर्वे और पंजीकरण कार्य तेजी से जारी है।

समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक चिन्हित बच्चे की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति का समुचित आकलन कर आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों की पहचान करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर स्वास्थ्य, पोषण, परामर्श तथा अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ना भी है।

उन्होंने विशेष रूप से 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के चिन्हित किशोर-किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण प्राथमिकता के आधार पर कराने तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, मनोसामाजिक सहयोग एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने संरक्षण एवं स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा प्रत्येक बच्चे की स्थिति, आवश्यकताओं और उपलब्ध कराई गई सेवाओं का विवरण प्रज्ञा शक्ति पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने बच्चों को अतिगंभीर, मध्यम और साधारण श्रेणियों में वर्गीकृत करने को कहा, ताकि उनकी आवश्यकता के अनुसार समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक में बताया गया कि यूनिसेफ की टीम घर-घर जाकर चिन्हित बच्चों के अभिभावकों से फीडबैक प्राप्त करेगी और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करेगी। जिला पदाधिकारी ने यूनिसेफ द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में प्रशिक्षण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने हेतु कोर ग्रुप के गठन पर भी आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी संबंधित विभागों को संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिन्हित बच्चे तक स्वास्थ्य, संरक्षण, परामर्श एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ समय पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि उनके समग्र विकास और बेहतर भविष्य को सुनिश्चित किया जा सके।

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