इंद्रपुरी बराज से जुड़ी 2,060 किमी नहरें होंगी पक्की


नहरों के पक्कीकरण होने से पानी पीने को तरसेंगे लोग रिचार्ज नहीं होगी भूमि 


रोहतास।शाहाबाद क्षेत्र की वर्षों पुरानी सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में जल संसाधन विभाग ने बड़ी योजना तैयार की है। इंद्रपुरी बराज से संचालित करीब 2,060 किलोमीटर लंबी शाखा नहरों और वितरणियों (डिस्ट्रिब्यूटरी) का चरणबद्ध पक्कीकरण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग ₹12,500 करोड़ खर्च होंगे, जिससे भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।


रिसाव रुकेगा, आखिरी खेत तक पहुंचेगा पानी


मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश नहरें कच्ची होने के कारण बड़ी मात्रा में पानी बीच रास्ते में ही रिस जाता है। इसका सबसे अधिक नुकसान अंतिम छोर के किसानों को उठाना पड़ता है। नहरों की लाइनिंग होने से पानी की बर्बादी रुकेगी, जल प्रवाह तेज होगा और हर खेत तक समय पर सिंचाई का पानी पहुंच सकेगा।


डेहरी से शुरू होगा पहला चरण


परियोजना के पहले चरण में डेहरी फॉल से 32 किलोमीटर तक मुख्य पश्चिमी नहर की लाइनिंग की जाएगी। करीब ₹750 करोड़ की इस योजना का टेंडर पूरा हो चुका है और निर्माण एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है। इस हिस्से को केंद्रीय जल आयोग की मंजूरी भी मिल चुकी है।


इन नहरों का होगा कायाकल्प


योजना के तहत आरा, डुमरांव, बिहिया, बक्सर, चौसा और गारा-चौबे शाखा नहरों सहित उनसे जुड़ी सभी वितरणियों और संरचनाओं का पक्कीकरण किया जाएगा। जल संसाधन विभाग ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्रीय जल आयोग को भेज दी है। स्वीकृति और धनराशि मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू होगा।


खेती को मिलेगा नया आधार


विभाग का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद सिंचाई व्यवस्था अधिक मजबूत होगी, पानी की बर्बादी रुकेगी, फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और शाहाबाद के किसानों को सालभर बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। यह परियोजना क्षेत्र की कृषि व्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। लेकिन आने वाले दिनों में चपाकल सोखने की समस्या बहुत तेज हो जायेगी जिससे मानव जीवन पानी पीने के लिए तरस जायेंगे।

रिपोर्टर

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