रोहतासगढ़ किले पर 18 साल से शान से लहरा रहा तिरंगा


संवाददाता पारस नाथ दुबे


डेहरी रोहतास।तत्कालीन रोहतास एसपी *विकास वैभव* की पहल और ग्रामीणों के सहयोग से 15 अगस्त 2008 को पहली बार रोहतासगढ़ किले पर तिरंगा फहराया गया। पूर्व मुखिया सुग्रीव खरवार और बबन ठाकुर ने ध्वजारोहण किया था।


26 जनवरी 2009 से हर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर जिला पुलिस-प्रशासन द्वारा किले पर आधिकारिक रूप से ध्वजारोहण हो रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव में यहां 60 फीट ऊंचा विशाल राष्ट्रीय ध्वज भी स्थापित किया गया।


*3. नक्सल प्रभावित क्षेत्र में दिया बड़ा संदेश*  

पहले ध्वजारोहण के बाद नक्सलियों में बेचैनी देखी गई। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के साथ नियमित ध्वजारोहण का फैसला लिया। इस कदम से कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में विश्वास और साहस का नया माहौल बना।



रोहतासगढ़ 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का भी गवाह है। वीर कुंवर सिंह के भाई *अमर सिंह* ने इसी किले से अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का संचालन किया था।


*5. विकास वैभव के कार्यों की सराहना*  

राजद नेता *इंद्रदेव यादव* ने विकास वैभव से भेंट कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसपी रहते हुए वैभव ने कम्युनिटी पुलिसिंग, सोन महोत्सव, और 'Let's Inspire Bihar' अभियान के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए।


  

'गार्गी पाठशाला' और मुफ्त शिक्षा केंद्रों के माध्यम से वंचित बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने, साथ ही लोक संवाद गोष्ठी से पुलिस-जनता के रिश्ते मजबूत करने की पहल की गई।



रोहतासगढ़ किले पर लहराता तिरंगा आज केवल ध्वज नहीं, बल्कि 18 साल पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थापित हुए बदलाव, विश्वास और देशभक्ति का प्रतीक बन चुका है।

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