करमचट डैम परिसर में आपदा से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ सहित कई टीमों ने किया प्रदर्शन

संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट

कैमूर----- जिले के रामपुर प्रखंड अंतर्गत करमचट डैम परिसर में शनिवार को आपदा से बचाव और राहत कार्यों की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल में पटना एम्स से पहुंचे चिकित्सकों के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के समय बचाव एवं राहत कार्य किस प्रकार संचालित किए जाएं, इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व पटना एम्स के डॉक्टर अनिल कुमार ने किया। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप, बाढ़, पानी में डूबने, आगलगी और सड़क दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों को नाट्य रूपांतरण के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके जरिए यह दिखाया गया कि किसी भी आपदा के दौरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों, पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ और मेडिकल टीम को किस प्रकार आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य करना चाहिए।


अभ्यास के दौरान टीम के सदस्यों ने बताया कि आपदा की स्थिति में सबसे जरूरी है कि लोग घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लें। अफरा-तफरी और गलत तरीके से किए गए बचाव प्रयास कई बार स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं। इसलिए प्रशिक्षित टीम के निर्देशों का पालन करना और सुरक्षित तरीके से प्रभावित लोगों को बाहर निकालना बेहद जरूरी है।

मॉक ड्रिल में पीड़ित व्यक्ति को आपदा स्थल से सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने और गंभीर स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई। मेडिकल टीम ने आपात स्थिति में घायलों की जांच, प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने आग लगने की स्थिति में बचाव के तरीकों का प्रदर्शन किया। पानी में डूबने और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित निकालने के तरीकों के साथ-साथ सड़क दुर्घटना के दौरान घायल व्यक्ति को सावधानीपूर्वक बाहर निकालने और तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा के समय बचाव एवं राहत टीमों की तैयारियों को मजबूत करना भी है। नियमित अभ्यास से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है और आपदा की स्थिति में कम से कम समय में अधिक से अधिक लोगों तक राहत पहुंचाई जा सकती है।

मॉक ड्रिल में कैमूर और रोहतास जिले के पुलिस-प्रशासन से जुड़े अधिकारी और विभिन्न विभागों की टीमें भी शामिल हुईं। मौके पर रामपुर बीडीओ ऋतु रंजन कुमार, आरओ, करमचट थानाध्यक्ष पंकज कुमार पासवान सहित कई पदाधिकारी, कर्मचारी, राहत एवं बचाव दल के सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे।


कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि करमचट डैम जैसे महत्वपूर्ण और पर्यटक स्थल पर इस प्रकार का अभ्यास काफी उपयोगी है। आपदा कभी भी और किसी भी रूप में सामने आ सकती है। ऐसे में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल होना आवश्यक है।

मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि आपदा के समय अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक भीड़ न लगाएं और प्रशिक्षित बचाव दल को अपना काम करने दें। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे नियमित अभ्यास से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और प्रभावी तरीके से राहत एवं बचाव अभियान चलाने की क्षमता बढ़ती है।

करमचट डैम परिसर में आयोजित इस मॉक ड्रिल के दौरान लोगों ने आपदा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा और बचाव के विभिन्न तरीकों की जानकारी हासिल की। प्रशासन की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी आपदा प्रबंधन और जनजागरूकता से जुड़े इस तरह के अभ्यास आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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