भाई-बहन के अटूट प्रेम का पावन पर्व है रक्षाबंधन - समाज भी नहीं तोड़ सकता ये पवित्र बंधन कौ आचार्य बिनय मिश्रा उर्फ विनय बाबा
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Aug 25, 2026
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संवाददाता पारसनाथ दुबे
डेहरी रोहतास।भाई-बहन के पवित्र और अटूट रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व इस बार 28 अगस्त को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
यह पर्व केवल एक कच्चे धागे का त्योहार नहीं है, बल्कि यह जन्म-जन्मांतर के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। कहा जाता है कि इस बंधन को समाज तो क्या, कोई भी ताकत नहीं तोड़ सकती।
पौराणिक मान्यता के अनुसार जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो वह उसके लिए लंबी उम्र, सुख-समृद्धि की कामना करती है। वहीं भाई भी अपनी बहन की जीवन भर रक्षा करने का वचन देता है।
इस पावन पर्व को लेकर डेहरी के बाजारों में अभी से रौनक देखी जा रही है। राखी की दुकानों पर रंग-बिरंगी राखियों की खरीदारी के लिए बहनों की भीड़ उमड़ रही है।
बहनें अपने भाइयों के लिए सुंदर-सुंदर राखियां और उपहार ले रही हैं, तो भाई भी अपनी बहनों को देने के लिए विशेष उपहारों की तलाश में हैं।
दूर-दराज में रहने वाले भाई-बहन भी इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कई बहनें डाक के माध्यम से भी अपने भाइयों को राखी भेज रही हैं।
सच ही कहा गया है, यह रिश्ता खून से नहीं, दिल से जुड़ा होता है। यही कारण है कि यह त्योहार हर साल भाई-बहन के प्यार को और भी मजबूत कर देता है।


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