रहने के लिए जमीन नहीं, घर तक पहुंचने का रास्ता भी बंद करने का आरोप

 पीड़ित परिवार ने CO को सौंपा आवेदन, सुरक्षित रास्ते और आवासीय भूमि की लगाई गुहार

संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट 

कैमूर---- जिले के कुदरा प्रखंड क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने अपने वर्तमान निवास स्थल तक आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है। मामला कुदरा अंचल के नसेज गांव का है, जहां रहने वाले श्याम नारायण मुसहर ने कुदरा अंचलाधिकारी को आवेदन देकर अपनी समस्या से अवगत कराया है।

श्याम नारायण मुसहर, पिता स्वर्गीय मल्लू मुसहर, ग्राम नसेज, पंचायत देवराढ़ कलां खुर्द, अंचल कुदरा, जिला कैमूर के निवासी हैं। अपने आवेदन में उन्होंने बताया है कि उनके परिवार के पास पूर्वजों से मिली भूमि इतनी कम है कि आवासीय जरूरतों को पूरा करना मुश्किल है। आवेदन के अनुसार, परिवार के पास एक डिसमिल जमीन भी नहीं है।

श्याम नारायण मुसहर ने बताया कि उनके तीन पुत्र हैं, जिनमें से दो पुत्रों की शादी हो चुकी है। परिवार बढ़ने के साथ रहने की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। ऐसे में उन्होंने अंचलाधिकारी से निवास के लिए सरकारी स्तर पर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।

घर तक आने-जाने का रास्ता भी अवरुद्ध करने का आरोप

पीड़ित परिवार की दूसरी बड़ी समस्या घर तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान निवास स्थल तक आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्ते को आसपास रहने वाले गोरख मुसहर, पिता स्वर्गीय भुवर मुसहर द्वारा अवरुद्ध किया जा रहा है।

परिवार का कहना है कि रास्ता बाधित होने की वजह से रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी हो रही है। सबसे बड़ी चिंता किसी आपातकालीन स्थिति को लेकर है। परिवार के मुताबिक अगर किसी सदस्य की तबीयत अचानक खराब हो जाए या किसी प्रकार की दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थिति उत्पन्न हो जाए, तो सुरक्षित और सुगम रास्ता नहीं होने के कारण काफी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

आवेदन में परिवार ने रास्ते को लेकर जान-माल की क्षति की आशंका भी जताई है और अंचल प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

बिहार सरकार की जमीन होने का किया दावा

आवेदन में श्याम नारायण मुसहर ने यह भी उल्लेख किया है कि आने-जाने से संबंधित भूमि बिहार सरकार की भूमि है। उनका कहना है कि इसी रास्ते से उनके परिवार के लोग अपने वर्तमान निवास स्थल तक आते-जाते हैं, लेकिन रास्ते को लेकर उत्पन्न विवाद के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है।

पीड़ित परिवार ने अंचलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने और सरकारी भूमि एवं रास्ते की स्थिति की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

CO के पास पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार

अपनी समस्या को लेकर श्याम नारायण मुसहर ने कुदरा अंचल कार्यालय पहुंचकर अंचलाधिकारी को आवेदन सौंपा। आवेदन के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से दो प्रमुख मांगें रखी हैं—पहली, परिवार के रहने के लिए आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाए और दूसरी, वर्तमान निवास स्थल तक आने-जाने के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध कराया जाए।

आवेदन सौंपने के बाद पीड़ित परिवार को अंचलाधिकारी की ओर से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया गया है। अब परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन की जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

इस पूरे मामले में अब प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि वर्तमान निवास स्थल तक आने-जाने वाला रास्ता किस भूमि से होकर गुजरता है, रास्ते की वास्तविक स्थिति क्या है और उसे लेकर किस प्रकार का विवाद है। साथ ही परिवार द्वारा आवासीय भूमि उपलब्ध कराने को लेकर दिए गए आवेदन पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर भी लोगों की नजर अब अंचल प्रशासन की जांच पर टिकी हुई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी मांग किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि अपने परिवार के लिए सुरक्षित आवागमन और रहने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।

प्रशासन से समाधान की उम्मीद

श्याम नारायण मुसहर ने अंचलाधिकारी से आग्रह किया है कि उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और परिवार की वास्तविक स्थिति को देखते हुए नियमानुसार आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाए। इसके साथ ही उनके वर्तमान निवास स्थल तक आने-जाने के रास्ते को सुरक्षित और सुगम कराया जाए।

अब देखना होगा कि अंचल प्रशासन की जांच में क्या स्थिति सामने आती है और जांच के बाद पीड़ित परिवार की दोनों समस्याओं—रहने के लिए भूमि और सुरक्षित आवागमन के रास्ते—का समाधान किस प्रकार किया जाता है।

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