नकली खाद गोदाम का पर्दाफाश, हजारों बोरा DAP बरामद होने से मचा हड़कंप
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Sep 13, 2026
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कुकुराढ़ गांव के पास गोदाम में कथित तौर पर नकली DAP की पैकिंग और सप्लाई का खेल, पुलिस बल के साथ की छापेमारी
नकली उर्वरक गोदाम का पत्रकार द्वारा किया जा रहा था संचालन
संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर----- जिले में कथित नकली खाद के बड़े कारोबार का खुलासा होने से कृषि विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। भभुआं-सोनहन रोड स्थित कुकुराढ़ गांव के पास एक गोदाम में पर नकली DAP खाद की पैकिंग और उसे बाजार में खपाने की सूचना पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान गोदाम से हजारों बोरा संदिग्ध DAP खाद बरामद किए जाने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि उक्त नकली उर्वरक गोदाम का भगवानपुर निवासी जय मां अम्बे खाद दुकान के संचालक दैनिक भास्कर समाचार पत्र के भगवानपुर प्रखंड संवाददाता आलोक श्रीवास्तव द्वारा किया जा रहा था। हालांकि, मामले में उनकी भूमिका और बरामद खाद की वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गुप्त सूचना पर प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
बताया जाता है कि संबंधित गोदाम में अवैध तरीके से खाद की पैकिंग किए जाने और इसके बाद उसे बाजार में भेजने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान प्रशासन को पूरे मामले की गुप्त सूचना मिली।
सूचना भभुआं एसडीओ अमित कुमार को दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद जिला कृषि पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ कुकुराढ़ गांव के समीप स्थित गोदाम में छापेमारी की गई।
गोदाम में मिला भारी मात्रा में खाद का स्टॉक
छापेमारी के दौरान गोदाम में भारी मात्रा में खाद का स्टॉक पाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वहां हजारों बोरा DAP खाद बरामद किए जाने की बात सामने आई है। कृषि विभाग और प्रशासनिक टीम द्वारा बरामद खाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, स्रोत, वैधता तथा उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों द्वारा यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गोदाम में रखी खाद अधिकृत स्रोत से लाई गई थी अथवा उसकी पैकिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से किसानों को गुमराह करने की तैयारी थी।
दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की थी तैयारी!
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कथित तौर पर संदिग्ध DAP को पैक कर स्थानीय खाद दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की तैयारी थी। इसके अलावा खाद को ट्रक पर लोड कर जिले से बाहर भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई है।
यदि जांच में बरामद खाद नकली अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जाती है, तो मामला किसानों के साथ गंभीर धोखाधड़ी और कृषि व्यवस्था से जुड़े नियमों के उल्लंघन का हो सकता है। नकली अथवा घटिया खाद के इस्तेमाल से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा प्रशासन
छापेमारी के बाद प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गोदाम का संचालन कौन कर रहा था, खाद कहां से लाई गई, पैकिंग कहां और किस तरीके से की जा रही थी तथा इसे किन दुकानों और कारोबारियों के माध्यम से बाजार में भेजने की तैयारी थी।
इसके साथ ही प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि बरामद संदिग्ध खाद का कोई हिस्सा पहले से बाजार में पहुंचाया गया है या नहीं। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित दुकानों और सप्लाई चैन की भी जांच की जा सकती है।
भभुआं एसडीओ अमित कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के बीच बढ़ी चिंता
कैमूर कृषि प्रधान जिला है और जिले के बड़ी संख्या में किसान DAP समेत विभिन्न उर्वरकों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में नकली खाद के कथित कारोबार का खुलासा किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
किसानों के बीच अब यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं संदिग्ध खाद पहले से बाजार में तो नहीं पहुंचाई जा चुकी है। कृषि विभाग की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद खाद की वास्तविक गुणवत्ता क्या है और इसका स्रोत क्या है।
फिलहाल प्रशासन और कृषि विभाग की जांच जारी है। बरामद खाद के नमूनों की जांच तथा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। कार्रवाई के बाद कथित नकली खाद कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।


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