साइबर अपराध से बचाव को लेकर एडीआर भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

अधिकार मित्रों को साइबर अपराध के प्रति किया गया जागरूक

ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट 

शिवहर---- जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शुक्रवार को एडीआर भवन में साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट स्कैम एवं साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ललन कुमार रजक ने की। मुख्य अतिथि के रूप में साइबर डीएसपी इशानी सिन्हा मौजूद रहीं। कार्यक्रम में पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) ने भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएलएसए सचिव ललन कुमार रजक ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या लिंक पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए। बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड एवं अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल इसकी सूचना संबंधित साइबर थाना अथवा पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने अधिकार मित्रों से कहा कि वे गांव-गांव और आम लोगों के बीच साइबर अपराध से बचाव की जानकारी पहुंचाएं, ताकि विशेष रूप से अशिक्षित एवं डिजिटल जानकारी से वंचित लोगों को साइबर ठगी से बचाया जा सके। वही साइबर डीएसपी इशानी सिन्हा ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराना, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करना, ओटीपी मांगना, फर्जी लिंक भेजना और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल करना साइबर ठगी के प्रमुख तरीकों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा फोन पर धमकाकर डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता है। मौके पर अधिकार मित्र मोहन कुमार, मेनका कुमारी, अंकित कुमार, चंदा कुमारी, सुबोध सिंह, सतेन्द्र कुमार,बिपिन कुमार, उपेंद्र चंद्र व अन्य मौजूद रहे।

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