विद्यालय में नहीं पहुंचे एक भी छात्र व छात्राएं, विद्यालय में पठन पाठन की जगह अन्य कार्य कराने का विद्यार्थीयों सहित अभिभावकों ने लगाया आरोप
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Sep 22, 2026
- 8 views
सूत्रों की माने तो रसोईयां भर्ती विवाद में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
संवाददाता रूपेश कुमार दुबे जी की रिपोर्ट
कैमूर--- जिले के रामपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत न्यू प्राथमिक विद्यालय दुबौली में सोमवार को पठान पठान हेतु विद्यालय में नहीं पहुंचे एक भी छात्र व छात्राएं, विद्यालय में पठन-पाठन की जगह अन्य कार्य कराने का विद्यार्थीयों सहित अभिभावकों ने लगाया आरोप।
आपको बताते चलें कि उपरोक्त विद्यालय में स्थिति उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब विद्यालय में एक भी विद्यार्थी पढ़ने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। बच्चों की अनुपस्थिति को देखते हुए जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार से वार्तालाप किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं स्वयं गांव में जाकर अभिभावकों और ग्रामीणों से बच्चों को विद्यालय भेजने की अपील की। पर गांव में पहुंचने के बाद भी ग्रामीणों की ओर से बच्चों को विद्यालय भेजने से इंकार कर दिया गया। जिससे विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार की माने तो रामपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी को दूरभाष के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की सूचना दी गई, पर प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से बताया गया कि वह उस समय बैठक में व्यस्त हैं।
वही जब विद्यार्थियों के परिजनों सहित ग्रामीणों से वार्तालाप किया गया, तो उनका आरोप है कि बच्चों को स्कूल भेजा जाता है, पर विद्यालय में पानी की व्यवस्था नहीं है और प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों से सिर्फ पानी भरवाने व लकड़ी काटने का कार्य कराया जाता है। मध्यान भोजन करने के लिए बच्चों को थाली भी घर से लाना पड़ता है, और बच्चों को पढ़ाया भी नहीं जाता है।
बच्चे हो रहे राजनीतिक शिकार
विद्यालय में बच्चों की अनुपस्थिति का सीधा असर उनके पढ़ाई-लिखाई पर पड़ती है। सरकारी विद्यालयों में नियमित रूप से बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करना और शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों तथा स्थानीय प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।
वहीं स्थानीय सूत्रों की माने तो रसोईया भर्ती को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है, और मामला इतना आगे बढ़ चुका है कि विद्यालय अंतर्गत कार्यरत प्रधानाध्यापक और स्थानीय वार्ड सदस्य सह उप मुखिया के बीच स्थानीय थाना प्रशासन तक पहुंच एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगाया जा चुका है। जिससे स्पष्ट होता है की रसोईयां भर्ती की राजनीति में बच्चों का पठन-पाठन बाधित हो रहा है।


रिपोर्टर