ईंट-भट्ठों पर बकाया राशि लगभग 8.63 करोड़ रुपये की वसूली को लेकर डीएम ने दिये निर्देश
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Nov 04, 2026
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रोहतास ।जिलाधिकारी,दीपक कुमार मिश्र की अध्यक्षता में जिले के ईंट-भट्ठा संचालकों एवं जिला नीलाम-पत्र पदाधिकारी के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक में ईंट सत्र 2024-25 तक स्वामित्व की राशि जमा नहीं करने वाले ईंट-भट्ठा संचालकों पर अधिरोपित बकाया राशि,ब्याज एवं जुर्माने के रूप में लगभग 8.63 करोड़ रुपये की वसूली तथा बिहार सरकार द्वारा लागू की गयी राहतकारी एकमुश्त समाधान योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गयी। जिले के सभी अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारी सहित संबंधित पदाधिकारी एवं ईंट-भट्ठा संचालक बैठक में उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने ईंट-भट्ठा संचालकों को राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण राहतकारी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि खनन स्वामित्व की राशि समय पर जमा नहीं करने के कारण बकायेदारों पर ब्याज की राशि लगातार बढ़ती जा रही थी,जिससे ईंट-भट्ठा संचालकों को बकाया राशि चुकाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा ब्याज माफी के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की गयी है। इससे अब संबंधित ईंट-भट्ठा संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी। केवल बकाया स्वामित्व एवं जिला खनिज फाउंडेशन की राशि जमा करनी होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत ईंट सत्र 2024-25 अथवा उससे पूर्व की अवधि के वैसे ईंट-भट्ठे शामिल होंगे,जिनके स्वामित्व की राशि बकाया रहने के कारण 31 अगस्त 2026 तक खनन पदाधिकारी द्वारा उनके विरुद्ध नीलाम-पत्र वाद दायर किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत पात्र ईंट-भट्ठा संचालकों को केवल बकाया स्वामित्व की राशि एवं जिला खनिज फाउंडेशन की राशि जमा करनी होगी। इसके अतिरिक्त अधिरोपित ब्याज की राशि राज्य सरकार द्वारा माफ कर दी जायेगी। संबंधित कर एवं अन्य देय राशियों का भुगतान भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार करना होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि निर्धारित एकमुश्त समाधानित राशि तथा लागू अन्य देय राशि जमा करने के बाद खनन विभाग द्वारा संबंधित नीलाम-पत्र पदाधिकारी को प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जायेगा कि संबंधित बकायेदार के विरुद्ध अब कोई लोक माँग बकाया नहीं है। इस प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित नीलाम-पत्र पदाधिकारी द्वारा नीलाम पत्र वाद का निष्पादन किया जा सकेगा तथा संबंधित कार्यवाही समाप्त की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना से ईंट-भट्ठा संचालकों को ब्याज के भारी बोझ से राहत मिलेगी और लंबे समय से लंबित नीलाम पत्र मामलों का निष्पादन भी संभव हो सकेगा। साथ ही,सरकार को कम समय में राजस्व की प्राप्ति होगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एकमुश्त समाधान योजना की अवधि तीन माह निर्धारित की गयी है। यह योजना 21 सितंबर 2026 से 20 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। अतः सभी पात्र ईंट-भट्ठा संचालकों से अपील की गयी है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व बकाया स्वामित्व की राशि एवं डीएमएफ की राशि जमा कर इस योजना का लाभ अवश्य उठायें। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि एकमुश्त समाधान योजना का लाभ सभी पात्र ईंट-भट्ठा संचालकों तक पहुँचाना सुनिश्चित करें तथा बकाया राजस्व की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई करें।


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