सेवा भाव से पिंडदानियों की मदद कर रहे 6 बिहार बटालियन एनसीसी कैडेट्स

कर्नल पंकज कुमार ने कहा, बच्चों में प्रारंभ से सेवा भावना का विकास जरूरी


गयाजी। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला में 6 बिहार बटालियन एनसीसी के कैडेट विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में देश-विदेश से पहुंचे पिंडदानियों एवं श्रद्धालुओं की निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं। कैडेटों द्वारा श्रद्धालुओं की सहायता करने के साथ-साथ उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।


इस अवसर पर कैडेटों को संबोधित करते हुए 6 बिहार बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार, कीर्ति चक्र ने कहा कि जीवन मूल्यों में संस्कारों का बड़ा महत्व है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण संस्कार सेवा का भाव है। निःस्वार्थ भाव से यथासंभव जरूरतमंदों की मदद करना और उनकी सेवा करना हमारे संस्कारों की पहचान कराता है।


उन्होंने कहा कि तन, मन और वचन से दूसरे की सेवा में तत्पर रहना स्वयं में एक बड़ा साधन है। जो व्यक्ति सच्चे मन से सेवा के कार्य में लग जाता है, उसे जीवन में संतुष्टि और समाज में सम्मान प्राप्त होता है।


कर्नल पंकज कुमार ने कहा कि जिन बच्चों में प्रारंभ से ही सेवा की भावना का स्वस्थ विकास किया जाता है, वे आगे चलकर अपने सेवा-भाव से समाज में प्रतिष्ठा के पात्र बनते हैं। समाज के सुंदर निर्माण और भविष्य की उन्नति के लिए बच्चों में सेवा-भाव का विकास अत्यंत आवश्यक है।


उन्होंने कहा कि बच्चों में सेवा-भाव विकसित करने के लिए परिवार सबसे सुंदर संस्था है। अभिभावकों का दायित्व है कि वे स्वयं अपने आचरण से बच्चों के सामने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करें, जिसे देखकर उनमें सेवा और सहयोग की भावना का संस्कार पैदा हो। एनसीसी कैडेटों द्वारा पितृपक्ष मेला में श्रद्धालुओं की सेवा इसी संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का उदाहरण है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट