अधिकारियों की सह पर लगातार हो रही रंगदारी टैक्स की वसूली हो सकता है रक्तरंजित
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 11, 2026
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सूत्रों की माने तो अधिकारियों सहित कुछ मिडिया कर्मियों को भी मिलता है हिस्सेदारी
अखिल भारतीय समाचार टीम
कैमूर---- जिले के कुदरा नगर पंचायत के टेंडर स्वामी द्वारा अधिकारियों की सह पर करायें जा रहे सैरात की आड़ में रंगदारी टैक्स की कारोबार हो सकता है रक्त रंजीत। आपको बताते चलें कि नगर पंचायत से गुजरने वाले मुख्य सड़क जैसे नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे या मुख्य जिला सड़क पर या उसके ठीक किनारे गाड़ियों को रोककर सैरात या तहबाजारी की वसूली करना पूरी तरह अवैध है।सैरात जैसे हाट, बाजार, मेला या पार्किंग की वसूली के नियम बहुत स्पष्ट है, कि मुख्य सड़कों पर सैरात वसूली की अनुमति नहीं है।नगर निकाय या जिला परिषद के टेंडर का हवाला देकर भी मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों से किसी भी प्रकार का पार्किंग शुल्क वसूली करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और रंगदारी की श्रेणी में आता है। पर कुदरा नगर पंचायत के सैरात टेंडर स्वामी द्वारा अधिकारियों की सह पर धड़ल्ले से कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 19 नगर पंचायत कुदरा भभुआं मोड़ सहित अन्य स्थलों पर सैरात वसूली की हवाला देते हुए शासनिक प्रशासनिक अधिकारियों की सह पर रंगदारी टैक्स वसूलने का कारोबार तिसरे दिन भी जारी रहा।
इतना ही नहीं रंगदारी टैक्स वसूली की धंधे में लगे उपद्रवियों द्वारा समाचार संकलन कर रंगदारी टैक्स वसूलने वाले गिरोह की भंडाफोड़ करने की वजह से, पत्रकारों को बार बार धमकी दी जा रही है।जिस वजह से कभी भी रक्त रंजीत घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय अधिकारियों का एक दूसरे पर आरोप के बावजूद तिसरे दिन भी जारी रहा रंगदारी टैक्स वसूली का धंधा
वहीं संदर्भ में स्थानीय पदाधिकारीयों द्वारा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी रहा, पर विगत गुरुवार से लगातार मिडिया में अवैध वसूली का चर्चा जोरों पर रहने के बावजूद, तिसरे दिन भी रंगदारी टैक्स वसूली का धंधा जारी रहा। जिससे स्पष्ट होता है की रंगदारी टैक्स वसूली की धंधे में परोक्ष रूप से स्थानीय पदाधिकारीयों की भी मिली भगत है। कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा एक दो शराबी पकड़े जाने या एक दो लीटर शराब पकड़े जाने की खबर प्रमुखता से छापा जाता है, पर दिनदहाड़े खुलेआम रंगदारी टैक्स वसूली की चर्चा तीन दिनों से जोरों पर होने के बावजूद भी इतनी बड़ी लूट की खबर समाचार पत्र से गायब होना प्रमाणित कर रहा है की उनकी भी हिस्सेदारी सुनिश्चित है।


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