गया में रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट और स्पोर्ट्स इंजरी के विशेषज्ञ देंगे परामर्श
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 11, 2026
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हर माह दूसरे और चौथे शनिवार को लगेगी विशेष ओपीडी, घुटना प्रत्यारोपण की आधुनिक तकनीक और उपचार के विकल्पों की मिलेगी जानकारी
ब्यूरो चीफ प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
गयाजी। घुटने के दर्द, गठिया, जोड़ों की समस्याओं और खेल के दौरान लगने वाली चोटों से परेशान मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब गया में ही रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट और स्पोर्ट्स इंजरी के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में साउथ चर्च रोड, होटल घराना के पीछे स्थित हीलिंग टच हॉस्पिटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपोलो हॉस्पिटल, पटना के डॉ. अमित कुमार सिन्हा और गया के डॉ. विमलेन्दु विमल मौजूद रहे।
डॉ. अमित कुमार सिन्हा ने बताया कि अपोलो हॉस्पिटल, पटना के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अमित कुमार सिन्हा और डॉ. राहुल आनंद प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को विशेष ओपीडी में मरीजों को परामर्श देंगे। यह ओपीडी चर्च रोड स्थित डॉ. विमलेन्दु विमल ऑर्थोपेडिक एंड ट्रॉमा सेंटर में संचालित होगी।
घुटने की समस्या और खेल चोटों का मिलेगा परामर्श
डॉ. अमित कुमार सिन्हा रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट के विशेषज्ञ हैं, जबकि डॉ. राहुल आनंद ऑर्थोपेडिक्स एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन के विशेषज्ञ हैं। ओपीडी में घुटने के दर्द, गठिया, जोड़ों की परेशानी, खेल के दौरान लगी चोटों, चोट के बाद होने वाले दर्द और घुटना प्रत्यारोपण से संबंधित समस्याओं पर परामर्श दिया जाएगा। इससे गया और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह लेने के लिए पटना जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
आधुनिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण की सुविधा
डॉ. अमित कुमार सिन्हा ने घुटना प्रत्यारोपण की आधुनिक तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि उपयुक्त मरीजों में दोनों घुटनों का ऑपरेशन एक ही दिन में करने का विकल्प हो सकता है। उन्होंने कहा कि सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति के अनुसार लगभग छह घंटे में चलने-फिरने का अभ्यास शुरू कराया जा सकता है। वहीं, चिकित्सकीय आकलन के आधार पर 72 घंटे के भीतर सीढ़ियां चढ़ने का अभ्यास भी कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य मरीजों की गतिशीलता में सुधार करना और उन्हें दैनिक गतिविधियों में अधिक सहूलियत प्रदान करना है। उचित उपचार और पुनर्वास के बाद मरीजों को पालथी लगाकर बैठने, साइकिल चलाने और अन्य गतिविधियों में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, यह सर्जरी के परिणाम, मरीज की शारीरिक स्थिति और चिकित्सकीय सलाह पर निर्भर करता है।
गया में ही मिलेगी विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा
चिकित्सकों ने बताया कि विशेष ओपीडी शुरू करने का उद्देश्य गया और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना है। इससे मरीज अपनी समस्या के अनुसार उपचार के विभिन्न विकल्पों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और आवश्यकता के अनुसार आगे के इलाज की योजना बना सकेंगे।
ओपीडी का विवरण
- दिन: प्रत्येक माह का दूसरा और चौथा शनिवार
- समय: सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक
- स्थान: डॉ. विमलेन्दु विमल ऑर्थोपेडिक एंड ट्रॉमा सेंटर, चर्च रोड, होटल घराना के पीछे, गया।
मरीजों से अपील की गई है कि ओपीडी में परामर्श लेने से पहले पंजीकरण करा लें। साथ ही, अपनी पुरानी जांच रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड भी साथ लेकर आएं, ताकि चिकित्सक उनकी समस्या का बेहतर आकलन कर उचित परामर्श दे सकें।


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