जीवित्पुत्रिका व्रत के अवसर पर गंगा स्नान करने गई वृद्ध महिला के घर पर दबंग परिवार ने जमाया कब्जा
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 11, 2026
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एक सप्ताह से लगातार स्थानीय पदाधिकारीयों सहित वरिय पदाधिकारीयों के समक्ष गुहार लगाने के बावजूद भी घर से नहीं हट रहे दबंग
विरोध करने पर ईंट पत्थरों से हमला और रायफल दिखाकर धमकी देने का आरोप
रोहतास---- जीत पत्रिका व्रत के अवसर पर वाराणसी गंगा स्नान करने गई वृद्ध महिला के घर पर दबंगों ने जमाया कब्जा।एक सप्ताह से लगातार स्थानीय पदाधिकारीयों सहित वरिय पदाधिकारीयों के समक्ष गुहार लगाने के बावजूद भी घर से नहीं हट रहे दबंग। जिला के करगहर थाना क्षेत्र के मौजा-बहेरी गांव निवासी 70 वर्षीय पीड़िता सावित्री देवी से मिली जानकारी के अनुसार विगत 2 अक्टूबर जीवित्पुत्रिका के अवसर पर अपने घर में ताला बंद कर गंगा स्नान करने वाराणसी गए हुई थी। जिनका आरोप है की अपने ही गोतिया परिवार के लोगों द्वारा घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर वेल्डिंग कराने के साथ ही कब्जा कर लिया गया है। विरोध करने पर ईंट-पत्थरों से हमला करने और हथियार दिखाकर जान से मारने का धमकी दी जा रही है।
जिनके द्वारा करगहर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई गई हैं। दिए गए आवेदन मैं उनके द्वारा जितिया व्रत के अवसर पर वाराणसी गंगा स्नान हेतु अपने बेटों के यहां गई हुई थीं। 6 अक्टूबर 2026 को जब वह वापस अपने घर पहुंचीं तो घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। महिला का आरोप है कि उनके अपने गोतिया परिवार के विजय बहादुर पाठक, गया नारायण पाठक और अरुण कुमार पाठक ने राकेश मिस्त्री, निवासी रीवा को बुलाकर दरवाजे को अंदर से वेल्डिंग करा दिया महिला के अनुसार, आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला गया। शाम करीब 5 बजकर 20 मिनट पर दरवाजा खुलवाने का प्रयास करने के दौरान गया नारायण पाठक, विजय बहादुर पाठक, अरुण कुमार पाठक और सूर्यवंश लाल छत से ईंट-पत्थर फेंकने लगे।
वहीं इसी दौरान रायफल लहराकर जान से मारने की धमकी दी गई महिला का कहना है कि पूर्व में भी उनके पति और पुत्र पर जानलेवा हमला किया जा चुका है, जिसका मामला कांड संख्या 322/2022 के रूप में लंबित है।पीड़िता के मुताबिक, घटना के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान-माल का खतरा बना हुआ है, साथ ही अपने ही घर में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है। आवेदन में घर के अंदर करीब 20 लाख रुपये के आभूषण, 2 लाख रुपये नकद और अन्य घरेलू सामान रखे होने की बात भी कही गई है महिला ने करगहर थाने से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। इतना ही नहीं उन्होंनेे बताया कि स्थानीय थाना प्रशासन व अंचलाधिकारी के साथ ही जिला के वरिय पदाधिकारीयों के समक्ष भी गुहार लगा चुकी हुं पर एक सप्ताह से यहां वहां भटकने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं दिख रहा है। अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है की आप कहीं और जा कर रहो जब अदालत से फैसला होगा तो प्रशासन सहयोग करेगा। अब सोचनेे का विषय यह है,की संबंधित भूमि पर कोर्ट में पूर्व से ही मामला चल रहा है, तो मध्य में किसी के भूमि पर जबरजस्ती अचानक कोई कब्जा कैसे कर सकता है। उनके द्वारा जहां-तहां भटकते हुए प्रशासन के माध्यम से घर का दरवाजा खुलने का इंतजार है।


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