दुर्गा पूजा पंडालों को लेकर अग्निशमन विभाग अलर्ट, आग से बचाव के लिए दिए गए जरूरी दिशा-निर्देश
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 14, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट।
कैमूर जिले में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी बीच पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर मोहनिया अग्निशमन विभाग की ओर से विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कुदरा थाना क्षेत्र में कार्यरत अग्निशमन कर्मी प्रशांत कुमार के नेतृत्व में पूजा पंडालों का निरीक्षण कर पंडाल संचालकों और आयोजकों को आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूजा पंडालों का निर्माण भारतीय मानक ब्यूरो के आईएस 8758-1993 के अनुरूप किया जाए। पंडाल में फायर रिटार्डेंट सॉल्यूशन से उपचारित सूती कपड़े का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है विभाग के मुताबिक पंडाल के प्रत्येक 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में 9 लीटर क्षमता का अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से रखा जाए।
पंडाल रेलवे लाइन, विद्युत सब-स्टेशन, चिमनी या भट्ठे से कम से कम 15 मीटर की दूरी पर बनाया जाए और चारों तरफ करीब 4 से 5 मीटर खुला स्थान रखा जाए पंडाल में कम से कम तीन द्वार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें एक द्वार सामने और दो द्वार दोनों पार्श्व में होने चाहिए, ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को बाहर निकलने में परेशानी न हो बिजली व्यवस्था को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रत्येक पंडाल के लिए अलग फ्यूज और सर्किट ब्रेकर लगाने, बिजली के तारों की अच्छी तरह टेपिंग करने और संभव हो तो तारों को पीवीसी पाइप के माध्यम से ले जाने की सलाह दी गई है। बिजली कटने की स्थिति में स्पार्कलेस लाइट का प्रयोग करने को कहा गया है पूजा के दौरान अगरबत्ती, आरती और दीपक जलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। विभाग ने कहा है कि आरती या अगरबत्ती जलने तक एक व्यक्ति लगातार उस पर नजर रखे अस्थायी रसोई को पंडाल से करीब 200 मीटर की दूरी पर बनाने की सलाह दी गई है। वहीं हवन कुंड के पास पानी से भरे चार बड़े ड्रम, बाल्टी और मग रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय अग्निशमन केंद्र का टेलीफोन नंबर भी पंडाल परिसर में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने को कहा गया है वहीं रावण दहन के दौरान भी पर्याप्त खुली जगह का चयन करने और उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाने की सलाह दी गई है
क्या न करें अग्निशमन विभाग ने पंडालों को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां भी बताई हैं। पंडाल की ऊंचाई तीन मीटर से कम नहीं रखने, सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े या रस्सी का प्रयोग नहीं करने तथा पंडाल के अंदर हैलोजन लाइट नहीं लगाने की सलाह दी गई है पंडाल को किसी भी स्थिति में बिजली की लाइन के नीचे नहीं बनाने और परिसर में धूम्रपान नहीं करने को कहा गया है। बिजली के तारों को खुला नहीं छोड़ने के भी निर्देश दिए गए हैं विभाग ने पंडाल के अंदर हवन कुंड का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी है। यदि हवन करना अत्यंत आवश्यक हो तो पंडाल से बाहर खुले और सुरक्षित स्थान पर इसकी व्यवस्था करने को कहा गया है। इसी तरह पंडाल के अंदर मोमबत्ती, दीपक या अन्य खुले अग्नि स्रोत के प्रयोग से बचने की अपील की गई है अग्निशमन विभाग ने पूजा समितियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इन सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें, ताकि दुर्गा पूजा का आयोजन सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके


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