दबंगों ने कुल्हाड़ी और रॉड से पांच लोगों को मारकर गंभीर रूप से किया घायल
- राजेश कुमार शर्मा, सहायक संपादक - उत्तर प्रदेश
- Oct 15, 2026
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Varanasi : कपसेठी थाना क्षेत्र के महाराजपुर गांव में बीते रविवार की रात दबंगों द्वारा पांच लोगों को कुल्हाड़ी और राड सेमारपीट कर गंभीर रूप से घायल किए जाने के मामले में कपसेठी पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है,जिससे पीड़ित पक्ष के लोगों के साथ-साथ गांव के लोगों में भी आक्रोश व्याप्त है। बड़ी बात तो यह है कि घटना में घायल लोगों को पुलिस सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेवापूरी ले गई,वहां से उन्हें सामुदायिक कल्याण केंद्र हाथी भेजा गया, यहां डॉक्टरों ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पंडित दीनदयाल उपाध्याय के लिए रेफर कर दिया। पुनः पुलिस वालो ने सभी घायलों को लेकर यहां से पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के लिए निकल पड़े,आरोप यह है कि पुलिस मेडिकल मुआयना कराने के बजाय सभी घायलों को लेकर थाने पर चली गई और अपने मनमाफित तहरीर लिखवाने का दबाव बनाने लगी। मारपीट में घायल लोगों का आरोप है कि पुलिस ने इस आशय का दबाव बनाया कि तहरीर में राड और कुल्हाड़ी का उल्लेख मत करिए, घायलों ने पुलिस को बताया कि हमलावरों ने हम लोगों को रॉड और कुल्हाड़ी से ही मारापीटा हैं,लेकिन पुलिस हम लोगों की एक भी बात नहीं सुन रही।बताते चले कि कपसेठी थाना क्षेत्र ग्राम पंचायत महाराजपुर के माधोपुर निवासी रघुवीर राजभर बीते रविवार को अपने बाथरूम के दीवाल का निर्माण करवा रहे थे, इसी बीच पड़ोसी जिलेदार सिंह, शांतनु सिंह,शांत सिंह,ऋषि सिंह कई अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण का विरोध करते हुए यह कहने लगे कि जिस जमीन में निर्माण हो रहा है वह जमीन हमारी है, रघुवीर राजभर तथा उनके पक्ष के लोग यह कहते रहे कि हम लोग अपनी आबादी की जमीन में निर्माण करवा रहे हैं फिर भी वे लोग नहीं माने और रघुवीर पक्ष के लोगों पर कुल्हाड़ी और राड से हमला कर दिए, उपरोक्त आरोपियों के हमले से अजीत राजभर, जगदीश राजभर, लालमनी राजभर, गीता राजभर, तथा बूढी महिला हीरावती राजभर घायल हो गई। घायलों का आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी पुलिस ने अब तक मेडिकल मुआयना नहीं करवाया और न ही मुकदमा दर्ज किया है। कपसेठी थानाध्यक्ष विकास मौर्य का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई है, सभी घायलों का मेडिकल मुआयना करवाया गया है, परंतु किसी भी पक्ष की ओर से आज तक तहरी नहीं मिला है। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है।


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