कुदरा में गलत पहचान पर निर्दोष व्यक्ति गिरफ्तार, मानवाधिकार CWA ने की कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग



संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट 

 

कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में पुलिस की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है पुलिस पर आरोप है कि उसने नाम और पिता के नाम में आंशिक समानता के आधार पर बिना सत्यापन किए एक निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया इस मामले में जब मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट सी.डब्ल्यू.ए.’ (Human Right C.W.A.) ने अखिल भारतीय समाचार हिंदी दैनिक समाचार पत्र के खबर का कड़ा संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई और पीड़ित को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है वही पीड़ित कन्हैया लाल सिंह (पिता: स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह), निवासी ग्राम पचरा के अनुसार, 16 अक्टूबर को कुदरा थाना पुलिस ने वर्ष 2018 के एक मामले (कांड संख्या 421/18) में जारी वारंट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया पीड़ित का आरोप है कि उक्त मामला असल में 'विजय सिंह के पुत्र कन्हैया सिंह' के विरुद्ध दर्ज था, लेकिन पुलिस ने नाम में भ्रम के कारण 'विश्वनाथ सिंह के पुत्र कन्हैया लाल सिंह' को बिना उचित पहचान जांच के गिरफ्तार कर लिया 24 घंटे बिना अन्न-जल के रखने का आरोप

मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र कुमार सिंह 'योगी' द्वारा आयोग को भेजी गई शिकायत में उल्लेख किया गया है कि पुलिस ने न केवल गलत गिरफ्तारी की, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को लगभग 24 घंटे तक थाने में बिना भोजन और पानी के रखा गया यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार) और मौलिक मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है 


*मानवाधिकार संगठन की मुख्य मांगें*  दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई मामले में लापरवाही बरतने वाले कुदरा थाने के पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए

क्षतिपूर्ति व मुआवजा गलत गिरफ्तारी से पीड़ित बुजुर्ग को हुई मानसिक शारीरिक और सामाजिक प्रतिष्ठा की अपूरणीय क्षति के लिए राज्य सरकार द्वारा उचित मुआवजा दिलाया जाए गृह विभाग को निर्देश बिहार सरकार व गृह विभाग को इस बाबत निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ ऐसी घटना न हो

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