मेजर की प्रताड़नासे तंग आकर गंगा में कूदा सीआरपीएफ जवान,इलाज के दौरान हो गई मौत

चंदौली : के साहूपुरी स्थित 148 बटालियन सीआरपीएफ में तैनात जवान अविनाश सिंह (30) ने मानसिक प्रताड़ना की वजह से 27 मई को वाराणसी में पुल से गंगा नदीं में कूदकर जान देने की कोशिश की थी। उस दौरान पुल के नीचे मौजूद मल्लाहों ने जवान को छलांग लगाते देख लिया था और गंगा से बाहर निकाल कर पुलिस को सूचना दी। इलाज के लिए अविनाश को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया था, जिसकी 2 जून को इलाज के दौरान मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि वो अविनाश की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बच रही है। इस वजह से आज अविनाश के परिवार वाले बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस के सामने शव को रखकर धरने पर बैठ गए हैं।

जवान के पिता का आरोप है कि बटालियन के हवलदार मेजर की प्रताड़ना से तंग आकर उनके बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया था। वहीं इन आरोपों को बटालियन के कमांडेंट ने खारिज किया था।27 मई को पुलिस ने जवान को रामनगर के लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। साहूपुरी स्थित सीआरपीएफ की बटालियन में चौबेपुर थाना अंतर्गत चंबा गांव निवासी अविनाश कांस्टेबल पद पर तैनात था। अविनाश की पत्नी आरती और बेटा अमन गांव में रहते हैं। अविनाश के पिता शमशेर बहादुर सिंह के अनुसार उनका बेटा हर शनिवार को घर आता था। सोमवार को अविनाश ड्यूटी पर गया और शाम के समय कैंप की ओर लौटते समय मालवीय पुल से गंगा में छलांग लगा दी था।

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