कशेली टोलनाका ठेकेदार ने लगाया राज्य शासन को चूना

भिवंडी।। भिवंडी तालुका के कशेली - अंजूरफाटा मार्ग पर टोल टेक्स वसूल करने का ठेका मे.के.टी.कंस्ट्रक्शन अंतर्गत जे.व्ही.संगम इंडिया प्रा.लि.मुंबई को राज्य सरकार ने दिया हैं. किन्तु ठेका देने के पद्धति में बड़ा घोटाला होने का खुलासा हुआ हैं. जिसके कारण सार्वजनिक बांधकाम विभाग के अधिकारियों में खलबली मची हुई हैं ।
     
ठेकेदार व अधिकारियों ने मिलकर राज्य शासन के लाखों रुपये के मुद्रांक शुल्क का नुकसान पहुंचाया हैं. जिसकी जांच कर ठेकेदार व अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश मुख्य नोंदणी महानिरीक्षक व मुद्रांक नियंत्रक,महाराष्ट्र राज्य पुणे ने कोकण विभाग के नोंदणी उपमहानिरीक्षक व मुद्रांक उपनियंत्रक को दिया हैं ।
     
गौरतलब हो कि राज्य शासन के आदेशानुसार कशेली गाँव में टोल टेक्स वसूल करने के लिए टोल नाका का निर्माण हुआ है. इस टोल नाका पर टेक्स वसूल करने का ठेका मे.के.टी.कंस्ट्रक्शन अंतर्गत जे.व्ही.संगम इंडिया प्रा.लि.मुंबई को शासन के नियमानुसार दिया गया हैं. किन्तु शासन के भष्ट्र अधिकारी ने मुद्रांक शुक्ल चोरी करते हुए ठेकेदार को केवल ५०० रुपये के गैर न्यायिक मुद्रांक शुल्क (स्टांप पेपर) पर करारनामा कर ठेका दिया हैं. इस व्यवहार में शासन को लगभग ६६ लाख रुपये के राजस्व मिलना चाहिए था. शासन को हुए नुकसान भरपाई तथा भष्ट्र अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग राष्ट्रीय मानव हक्क मंच के अध्यक्ष शरद धुमाल ने नोंदणी महानिदेशक की हैं.वही पर आरटीआई अंर्तगत मिली जानकारी पर इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ हैं ।
   
कशेली टोलनाका से प्रतिदिन सैकड़ों मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता हैं.इन मालवाहक ट्रकों से प्रतिदिन लाखों रुपये टोल टेक्स  मे.के.टी.कंस्ट्रक्शन, जे.व्ही.संगम इंडिया प्रा.लि.वसूल करती हैं । वही पर १७ नवंबर २०११ से १८ जून २०३२ इस ठेके की मुद्दत हैं लगभग २९ वर्षों तक मे.के.टी.कंस्ट्रक्शन अंतर्गत जे.व्ही.संगम इंडिया प्रा.लि.मुंबई कंपनी ने करोड़ों रुपये का व्यवहार करेंगी.इसके विपरीत ठेकेदार व राज्य शासन के सार्वजनिक बांधकाम विभाग अभियंता मिली भगत कर शासन के लाखों रुपये का नुकसान किया हैं. इस नुकसान भरपाई के लिए राष्ट्रीय मानव हक्क मंच के अध्यक्ष शरद धुमाल ने  महाराष्ट्र राज्य के मुख्य सचिव के समक्ष शिकायत दर्ज करवाया था. शिकायत पत्र को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र राज्य पुणे स्थित मुख्य नोंदणी महानिरीक्षक व मुद्रांक नियंत्रण को जांच करने का आदेश दिया हैं वही पर मे. के.टी.कंस्ट्रक्शन,जे.व्ही.संगम इंडिया प्रा.लि.व सार्वजनिक बांधकाम विभाग के संबंधित अभियंताऔ की जांच कर तथा हुए राजस्व के नुकसान की वसूल करने हेतु राज्य के सह नोंदणी महानिरीक्षक तथा कार्यासन अधिकारी एस. एस. देशमुख ने कोकण विभाग के उपमहानिरीक्षक व उपमुद्रांक नियंत्रक को दिया हैं ।

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