अर्णब गोस्वामी के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे लोग

पालघर ।। अभिव्यक्ति की आजादी की धज्जियां उड़ाती एंटोनियो और उद्धव सरकार इस कदर बदले की भावनाओं से रिपब्लिक भारत और उसके संपादक के पीछे लगी है कि इस बार २०१८ के बंद केस को खोलकर अर्णब गोस्वामी को मारपीट करते हुए घर से घसीट कर जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया। 

जिस पालघर की धरती पर हिन्दू संतो की निर्मम हत्या पुलिस के समर्थन से हुई, उसी पालघर की धरती से अर्णब गोस्वामी की द्वेषपूर्ण गिरफ्तारी के विरोध में अनकों लोग व सामाजिक संगठन निरंतर खड़े हो रहे है, इसी क्रम में आज वसई तालुका, नायगांव में कई समाजसेवियों ने खुलकर अर्णव और अन्य राष्ट्रवादी चैनलों की अभिव्यक्ति की आजादी के समर्थन में आए।

जिस महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी पत्रकारों की अभिव्यक्ति कि आजादी को पूरी ताकत से कुचला जा रहा है, वहाँ आम जनता परिस्थितियों का आकलन लगाया जा सकता है।

अर्णब गोस्वामी का गुनाह सिर्फ इतना है कि वह कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा बहुसंख्यक हिन्दू समाज के लोगों पर हो रहे अत्याचारों को जनता के सामने रखने का प्रयास किया है। आज पूरी दुनिया मुस्लिम आतंकवाद से जूझ रही है।

रिपोर्टर

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