भिवंडी के स्व.मीनाताई ठाकरे रंगायतन दुरुस्ती का मुहूर्त कब ?

10 करोड रुपये की निधि भी मंजूर।

मनपा प्रशासन की निष्क्रियता के चलते नाट्य प्रेमियों में नाराजगी । 
भिवंडी।। कोरोना संकट काल के बाद अब धीरे-धीरे सर्वत्र नाट्य प्रेमियों के लिए नाट्यगृह खुलते जा रहे है.और विविध नाट्य कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है.गत दिनों ठाणे व कल्याण में स्थित नाट्यगृह प्रेेेेमियों के लिए खोल दिया गया है.जिस कारण वहां नाट्य प्रेमियों ने आनंद व्यक्त किया है.परंतु भिवंडी के नाट्य प्रेमियों में  निराशा व्याप्त है.भिवंडी परिसर में  नाट्य प्रेमियों के लिए कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए महानगरपालिका कार्यकक्षेत्र में एकमेव स्व.मीनाताई ठाकरे रंगायतन है.जो नादुरुस्त होने के कारण बंद कर दिया गया है.आज लगभग 3 वर्षों से यह नाट्यगृह बंद है.जिस कारण यहां के नाट्य  प्रेमियों में तीव्र नाराजगी व्याप्त है. उक्त रंगायतन की हुई दुर्वव्यवस्था पर मनपा प्रशासन द्वारा ध्यान केंद्रित किया जाए.इस प्रकार की मांग बार बार की जा रही है.परंतु  गेंडे की खाल परिधान किए हुए भिवंडी मनपा प्रशासन को इसकी किसी को भी चिंता नहीं है.इस प्रकार का चित्र देखने को मिल रहा है.इसलिए मनपा के दुर्लक्षित कार्यभार के कारण इस नाट्यगृह की दयनीय अवस्था हुई है.इस प्रकार की नाराजगी नागरिकों सहित नाट्य प्रेमियों ने व्यक्त की है.विशेष रूप से कोरोना संकट काल में नाट्यगृह दुरुस्ती के लिए  ठाणे जिला के पालक मंंत्री  एकनाथ शिंदे ने 10 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की थी.परंतु निधि मंजूर होने के बावजूद नाट्यगृह का दुरुस्ती मुहूर्त नहीं किया गया हैं.परिणाम स्वरुप नाट्य प्रेमियों में नाराजगी व्याप्त है।
उल्लेखनीय है कि भिवंडी मनपा द्वारा नागरिकों को कार्यक्रम का आयोजन आदि के लिए सन 1995 - 96 में स्व.मीनाताई ठाकरे रंगायतन का भव्य निर्माण किया गया है.विशेष रूप से इस कार्यकाल में गठबंधन शासन में शिवसेना की पहली बार सरकार स्थापित हुई थी.  उस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी तत्कालीन मुख्यमंत्री थे.और उक्त कार्यकाल में भिवंडी महानगरपालिका जो उस समय नगरपरिषद थी.जिस पर शिवसेना की सत्ता थी.उसी समय स्वं मीनाताई ठाकरे का निधन हुुआ था.इसीलिए उक्त नाट्यगृह का स्वं मीनाताई ठाकरे रंगायतन का नाम दिया गया था व महाराष्ट्र के  तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर जोशी के शुभहस्तों इस नाट्यगृह का उदघाटन किया गया था.विशेष रूप से रंगायतन का तमाम शिवसैनिकों की मां साहेब का नाम दिया गया है. परिणाम स्वरुप यह रंगायतन शिवसैनिकों की श्रद्धास्थान बनी हुई है. किन्तु आज लगभग 24 वर्ष के कार्यकाल में यह रंगायतन की दुर्व्यवस्था हो गई है और तमाम शिवसैनिकों के श्रद्धास्थान मानी जाने वाला मीनाताई ठाकरे रंगायतन बंद पडा है. जिसके कारण शहर सहित ग्रामीण भाग के नाट्य प्रेमियों में मायूसी छाई हुई है तथा भिवंडी के नागरिकों में बडे पैमाने पर सांस्कृतिक बाधा निर्माण हो रहा है.इसी प्रकार नाट्यगृह के अभाव के कारण यहां के नव कलाकारों के कला गुण को भी प्रतिसाद नहीं मिल रहा है इसलिए नव कलाकारों की बड़ पैमाने पर सांस्कृतिक बाधा निर्माण हुई है.इसी प्रकार नाटक का प्रयोग नहीं होने के कारण यहां के नाट्य प्रेमियों को नाटक व अन्य  मनोरंजन कार्यक्रम देेेखने को नहीं मिल रहा है. जिस कारण कल्याण , ठाणे, मुंबई क्षेत्रों में जाना पडता है ।
गौरतलब है कि नाट्यगृह की दुरुस्ती के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने आज तक लाखों रुपये निधि खर्च किया है.परंतु यह नाट्यगृह की दुर्व्यवस्था होने के कारण यह नाट्यगृह बंद है. विशेष रूप से पालक मंत्री द्वारा दुरुस्ती के लिए 10 करोड़ रुपये की निधि मंजूर करने के बावजूद इस नाट्यगृह के काम की आज भी शुरुआत नहीं हुआ है.जो घोर चिंता का विषय बना हुआ है।
ज्ञात हो कि आगामी 6 जनवरी को स्वं मीनाताई ठाकरे की जयंती मनाई जाने वाली है और राज्य में शिवसेना की ठाकरे सरकार है इसलिए मां साहेब की जयंती के समय उक्त दुरुस्ती कार्य की शुरुआत होगी क्या इस पर सभी ने ध्यान केंद्रित कररखा है। 
इस संदर्भ में मनपा आयुक्त डॉ. पंकज आशिया ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नाट्यगृह की दुरुस्ती के लिए 10 करोड़ रुपये की निधि शासन द्वारा मंजूर की गई है. परंतु यह निधि आज तक भिवंडी महानगरपालिका को हस्तांतरित  नहीं की गई है.जिस कारण नाट्यगृह का काम बंद है.उक्त निधि के लिए शासकीय स्तर पर पत्र व्यवहार व बार बार जांच व जानकारी ली जा रही है.इसलिए  निधि मनपा को हस्तांतरित होते ही अविलंब नाट्यगृह का दुरुस्ती काम शुरु कर दिया जाएगा।

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