सूरापुर चौकी इंचार्ज ने पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय की मारपीट, गाली-गलौज कर खाकी वर्दी को किया शर्मसार


सुल्तानपुर सूरापुर- मंगरावां गांव निवासी राजेश प्रजापति पुत्र बंसराज तथा नींबू लाल कनौजिया के बीच कुछ जमीनी विवाद पहले से चल रहा था जिस के संबंध में राजेश प्रजापति ने चौकी इंचार्ज सूरापुर सहित जिले के उच्चाधिकारियों से शिकायत किया था। राजेश के अनुसार पुलिस चौकी से एक सिपाही विपक्षियों से मिला और पीड़ित से ना मिलकर पुलिस चौकी वापस चला गया। बाद में चौकी से फोन करके राजेश को बुलाया गया। न्याय की गुहार लगाने जब राजेश सूरापुर पुलिस चौकी पहुंचा तो पीड़ित का आरोप है कि उसे न्याय दिलाने के बजाय चौकी इंचार्ज शशिकान्त पटेल ने पीड़ित को ही मारपीट कर, गाली गलौज करते हुए मां  की भद्दी भद्दी अश्लील गालियां देते हुए शांति भंग की धारा 151 में चालान कर जेल भेज दिया। पीड़ित राजेश प्रजापति द्वारा आरोप लगाया गया है कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले राजनीतिक व्यक्ति पप्पू सिंह पुत्र श्री भगवान सिंह , विपक्षियों नींबू लाल कनौजिया, दलसिंगार ,राम सिंगार, पुत्र गण वीपत कनौजिया, संतोष कनौजिया पुत्र राम सुमेर, सोनई कनौजिया पुत्र बीपत कनौजिया आदि लोगों की चौकी इंचार्ज शशिकान्त पटेल की आपसी मिलीभगत है। राजेश प्रजापति ने आरोप लगाया है कि पप्पू सिंह द्वारा विपक्षियों को उकसा कर मामले में तूल देने के लिए अपने साथ ले कर चौकी पर पहुंचे और चौकी इंचार्ज को भी पीड़ित को मारने पीटने और गाली गलौज करने के लिए उकसाया जिससे चौकी इंचार्ज ने पीड़ित की पीड़ा, न्याय की गुहार नहीं सुनी बल्कि पीड़ित को ही मारते पीटते और भद्दी भद्दी अश्लील मां बहन की गालियां देते हुए लॉकअप में बंद कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि चौकी पर आने से पहले दिनांक 3 फरवरी 2021 को लगभग सुबह 9:00 बजे विपक्षी के घर पप्पू सिंह और दल सिंगार, राम सिंगार ,संतोष कनौजिया, सोनई कनौजिया आदि लोग विपक्षी के घर आए और दीवार उठाने के लिए कहा। जब पीड़ित ने दीवार बनाने से मना किया तो उसकी बीवी एवं बच्चों को विपक्षियों ने भद्दी भद्दी अश्लील गाली गलौज किया। गौरतलब हो कि राजेश प्रजापति और नींबू लाल कनौजिया के बीच जमीनी विवाद पहले से चल रहा था। एक पीड़ित, अन्याय का शिकार, गरीब, शोषित , लाचार व असहाय व्यक्ति की कैसी दुर्दशा है जब आम जनमानस का रक्षक ही भक्षक बन जाए। सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक का सख्त निर्देश है कि जमीनी विवाद में पुलिस हस्तक्षेप ना करे किंतु राजस्व विभाग के मामले में सूरापुर चौकी इंचार्ज द्वारा दखल देने व विशेष रूचि रखने के पीछे अनेक बातों की तरफ संकेत करते हैं। चौकी इंचार्ज ने पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय उल्टे बलि का बकरा बनाया जिससे पुलिस की खाकी वर्दी की गुंडागर्दी, तानाशाही, हिटलर शाही और निरंकुशता सरेआम उजागर हो रही है।चौकी इंचार्ज शशीकांत पटेल द्वारा मारपीट गाली-गलौज का ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिससे साफ पता चलता है कि आम जनता का रक्षक ही अब भक्षक बन गया है तो आम जनता न्याय पाने के लिए कहां जाए जब ऐसे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी ही शोषण अन्याय ,अत्याचार और गुंडागर्दी पर आमादा हो जाएं। पीड़ित ने अपनी व्यथा की शिकायत पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी सुल्तानपुर से ऑनलाइन व क्षेत्राधिकारी कादीपुर सुरेंद्र कुमार से लिखित रूप से की है। क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र कुमार ने चौकी इंचार्ज शशीकांत पटेल को सख्त हिदायत देते हुए कड़ी फटकार लगाई है कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने और उसकी व्यथा सुनने के बजाय उसके साथ मारपीट गाली-गलौज करते हुए 151 शांति भंग की धारा में चालान क्यों कर दिया। उन्होंने चौकी इंचार्ज को कड़ी नसीहत दी है कि राजस्व विभाग के मामले में पुलिस हस्तक्षेप बिल्कुल ना करे। दिए गए शिकायती पत्र में पीड़ित ने पप्पू सिंह व विपक्षियों से अपनी जान माल का खतरा बताया है।

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