भिवंडी में किराए से खबर लिखवाकर पत्रकारिता का चलन बढ़ा ? कई फारवर्ड पत्रकार बनें दैनिक अखबारों के प्रतिनिधि

भिवंडी।। भिवंडी शहर में जैसे जैसे महानगर पालिका चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे नगरसेवक का चुनाव जीतने का लालसा पाले नेता भी अपने अपने बिलों से बाहर निकलना शुरू कर दिया है। यही नहीं फेसबुक सोशल नेटवर्किंग साइटों पर उलूल जुलूल बातें फैला कर ऐसे नेता एक दूसरे की धज्जियां भी खुब उड़ा रहे हैं। चुनाव नजदीक होने के कारण बिलों से निकलते नेता को देखकर भिवंडी के फारवर्ड पत्रकार भी अब इन्हे अपने चंगुल में फंसाने के लिए इनकी वाहवाही व खबर लिखने के लिए किराऐ पर लोगों की भर्तियां शुरू कर दी है।

बतादें कि भिवंडी शहर में दर्जनो शिक्षा विहीन लोग पत्रकार का चोला पहन कर बिलों से निकलते नेता तथा उम्मीदवारों को चंगुल में फंसाने के लिए सुबह ही निकल पड़ते है.ऐसे शिक्षा विहीन पत्रकार चाय के होटल, नुक्कड़ चौराहे पर झुंड के रुप में देखे जा सकते है.आश्चर्य की बात तब होती है इन्हें कलम पकड़ने का ज्ञान नहीं होता और दैनिक अखबार के संपादक इनको अपने अखबारों में नियुक्ति कर लेता है.दैनिक अखबारों में पत्रकारिता करने वाले ऐसे पत्रकार वाकपटुता में माहिर होने के कारण इनके जाल में अखबार का संपादक भी फंस जाता है।
   
कई वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि लगातार पत्रकारिता का स्तर गिर रहा है जिसके कारण अब पत्रकारिता करना मुश्किल हो गया है‌.पत्रकार परिषद के दरमियान नेताओं के सामने सोशल मीडिया के स्वयं घोषित पत्रकारों की भारी झुंड दिखाई पड़ती है.पहले पत्रकारों को‌ कैमरा व कंप्यूटर तथा स्टुडियो की आवश्यकता पड़ती.जो काफी महंगा होता था.जब से मोबाइल फोन चला है कोई भी उठता है पत्रकार का चोला पहनकर पत्रकारों के झुंड में शामिल हो जाता है.जिसके कारण स्वयं घोषित पत्रकारों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.हर जगह दो चार नयें चेहरे दिखाई पड़ते है.इसमें कई आपराधिक किस्म के लोग भी शामिल रहते है जो पुलिस के डर से पत्रकार का चोला पहनकर दिन भर शिकार की तलाश में भटकते रहते है। कच्ची शराब, मधुशाला, मटका जुगार, सरिया चोर, भूमाफिया बिल्डर, डुप्लीकेट बड़ी, सरकारी अनाज चोर दुकानदार आदि माफियों से इनकी अच्छी व बड़ी सांठगांठ होती है जिसके कारण इनकी दुकानदारी व पत्रकारिता दोनों चलती रहती है। अभी हाल में भिवंडी तालुका पुलिस ने ऐसे स्वयं घोषित तथा यूट्यूब पर न्युज चलाने वाली महिला फर्जी पत्रकर को एक अनाज व्यापारी से 15 लाख की रंगदारी मामले में गिरफ्तार किया था.यही नहीं अनाज व्यापारी ने उक्त फर्जी पत्रकार को चार लाख रुपये रंगदारी दे चुका था। पहले लाॅक डाउन के दरमियान एक फारवर्ड पत्रकार व यूट्यूब पर न्युज चलाने वाले स्वयं घोषित पत्रकार ने मास्क व्यापारी से उगाही करने का मामला सुर्खियों में छाया हुआ था‌ किन्तु व्यापारी ने उस फर्जी पत्रकार को लेदेकर छुटकारा पा लिया था. मुंबई पुलिस को बदनाम करने के कारण 17 यूट्यूब चैनलों के खिलाफ मुंबई पुलिस ने कार्रवाई किया था. ऐसे स्वयं घोषित व फारवर्ड पत्रकारों के कारण पत्रकारों का स्तर लगातार गिर रहा है.इस संबंध में कई पत्रकार संगठना ने पुलिस आयुक्त ठाणे तथा भिवंडी पुलिस उपायुक्त को निवेदन पत्र देकर स्वयं घोषित पत्रकारों पर कार्रवाई करने की मांग की गयी है।

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