भिवंडी मनपा के शिक्षा विभाग में कार्यरत मलाई खाने वालें अधिकारियों में मचा हड़कंप, स्थायी समिति ने उर्दू अध्यापकों के तबादले को पूरी तरह रद्द करते हुए दिये जांच के आदेश

भिवंडी।। भिवंडी मनपा प्रशासन में फैले भष्ट्राचार में अब शिक्षा विभाग का नया भष्ट्राचार उजागर हुआ है. मनपा प्रशासन द्वारा संचालित उर्दू प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों के अवैध स्थानांतरण, विषय को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को हुए स्थायी समिति के सदस्यों की सभा के दौरान अध्यापकों की जिला बदली को पूरी तरह से रद्द करते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच करवाने का प्रस्ताव पास किया है.स्थायी समिति के इस फैसले से शिक्षण विभाग सहित जिला बदली की चाहत रखने वाले अध्यापकों में हड़कंप मचा हुआ है।

बतादें कि भिवंडी मनपा द्वारा संचालित उर्दू स्कूलों में अध्यापकों की संख्या कम होने के बावजूद शिक्षा विभाग में कार्यरत रिश्वतखोर अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा भष्ट्राचार कर अध्यापकों जिला बाहर उनके मनचाहे जगहों पर बदली की जा रही थी.गत दिनों 09 उर्दू अध्यापकों के तबादले और 28 शिक्षकों की तबादले की फाइल तैयार करने का मामला उजागर हुआ था.जिसके कारण स्थायी समिति ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मनपा आयुक्त को पत्र देकर, शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक के एजेंडे में इस अति महत्वपूर्ण मुद्दे को शामिल किया था। बैठक के दरमियान इस प्रकरण को लेकर स्थायी समिति सदस्यों ने ज़बर्दस्त बहस किया और एक भी सवाल का जबाब प्रशासन नहीं दे सका. जिसके कारण स्थायी समिति ने 105 उर्दू अध्यापकों की तबादले को पूरी तरह से रद्द करते हुए जिला बदली हो चुके उर्दू अध्यापकों को वापस लाने और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच का प्रस्ताव पास किया है।
नगरसेवक स्थायी समिति के सदस्य प्रशांत लाड, हलीम अंसारी, अरुण राऊत ने अपने - अपने पत्र देकर कल हुई बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और महानगर पालिका प्रशासन पर ग़ैर कानूनी पद्धति से अध्यापकों का स्थानांतरण करने का गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उसे रद्द करके, ट्रांसफर किए गे सभी अध्यापकों को वापस लाने का प्रस्ताव मंजूर किया है।
अक्टूबर 2019 में हुए महासभा के दरमियान अध्यापकों के तबादले पर रोक लगाने के प्रस्ताव को यह कहते हुए मंजूरी दी गयी थी कि जब तक पवित्र पोर्टल से अध्यापकों की पोस्टिंग नहीं होती तब तक कोई तबादला नहीं किया जायेगा। उसके बाद भी अवैध तरीके से उर्दू अध्यापकों के तबादले होते रहे। अगस्त के प्रथम सप्ताह में 9 अध्यापकों का तबादला करते हुए मनपा प्रशासन ने 28 और अध्यापकों के तबादले की तैयारी में जुट गया था। इसकी भनक लगते ही नगर सेवक स्थायी समिति सदस्य अरुण राउत ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख को पत्र देकर जिला बदली को अविलंब रोकने की मांग किया था.प्रशासन के रवैये को देखते हुए पूरा मामला स्थायी समिति मे ले गए और हुई बैठक में इस प्रकरण पर जमकर हंगामा किया अरुण राउत के जिला बदली के भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रशासन कोई जवाब नहीं दे पाया जिसके बाद स्थायी समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से मामले को गंभीरता से लिया और पूरे स्थानांतरण को रद्द  करते हुए उच्च स्तरीय जांच के प्रस्ताव को मंजूरी दे दिया है. स्थायी समिति के इस फैसले से अध्यापकों सहित शिक्षण विभाग और बदली की मलाई खाने वाले अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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