कोरोना के सभी नियमों का पालन करते हुए 8 वीं से 12 वीं तक सभी स्कूल 04 अक्टूबर से किया जायेगा शुरू - आयुक्त सुधारक देशमुख

भिवंडी ।। विश्व सहित देश में फैले कोरोना वायरस के कारण लगभग डेढ़ वर्षों से स्कूल कालेज, धार्मिक स्थल, सामाजिक ,राजनीतिक तथा धार्मिक आयोजनों सहित आदि विभिन्न कार्यक्रमों पर शासन ने प्रतिबंधित कर रखा था। किन्तु धीरे- धीरे कोव्हिड - 19 वायरस का प्रभाव कम होते देख राज्य शासन ने ब्रेक द चैन अंर्तगत छूट देना प्रारम्भ किया है। इसके तहत ही राज्य शासन ने परिपत्र जारी कर कोरोना के सभी नियमों का पालन करते हुए शहर के 8 वीं से 12 वीं तक सभी स्कूल, कालेज शुरू करने के लिए निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद आज भिवंडी मनपा आयुक्त सुधारक देशमुख ने मनपा मुख्यालय में सभी संबंधित अधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई। जिसमें आयुक्त ने कहा कि सभी शिक्षकों को कोव्हिड का टीकाकरण करवाना आवश्यक है। इसके साथ ही स्कूल के सभी शिक्षक, स्टाफ़ कर्मचारियों को 48 घंटे पहले की आरटीपीसीआर जांच करवाना भी आवश्यक है। सभी को जांच के मिले सर्टिफिकेट को स्कूल व्यवस्थापक के पास जमा करना होगा। जिन शिक्षकों को रिपोर्ट कोव्हिड सकारात्मक होगी उन्हें स्कूल आना अनिवार्य है। मनपा आयुक्त ने कोव्हिड का टीका नहीं लगवाने वाले कुल 328 शिक्षक और स्कूल स्टाफ़ के वेतनवृद्धि रोकने के लिए आदेश दिया है। इसके साथ ही आठवीं से बारहवीं कक्षा तक स्कूल शुरू करने के कमेटी गठित की गयी है। इस बैठक में मुख्य रूप से अतिरिक्त आयुक्त ओम प्रकाश दिवटे,उपायुक्त दीपक पुजारी,शहर अभियंता लक्ष्मण गायकवाड़, प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त प्रितम पाटिल, आरोग्य विभाग के सहायक आयुक्त प्रिती गाडे,सहायक वैद्यकिय आरोग्य अधिकारी बर्षा बारोड,माध्यमिक शिक्षण विभाग प्रमुख व प्राथमिक शिक्षण विभाग प्रमुख , माध्यमिक शिक्षण विभाग के सर्व केंद्र प्रमुख  तथा सर्व प्रभाग के सहायक आयुक्त उपस्थित थे। मनपा आयुक्त ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को शहर के सभी स्कूलों में आठवीं से बारहवीं कक्षा शुरू करने के संबंध में सरकारी परिपत्र के अनुसार सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का निर्देश दिया। स्कूल में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है लेकिन यह माता-पिता की सहमति पर निर्भर करेगा।  सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, छात्र के स्कूल जाने से पहले सभी माता-पिता की सहमति लेनी होगी। छात्र स्कूल में मास्क का इस्तेमाल कर रहे है या नहीं। इसका जांच करना आवश्यक है। स्कूलों में हाथ धोने के लिए पानी व साबुन होना आवश्यक है इसके साथ ही जहां संभव हो, कक्षाओं को‌ अलग अलग करना आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि स्कूल में कक्षा व्यवस्था करते समय कक्षा में 20 छात्र हों और छात्रों के बीच एक भौतिक अंतर हो। बैठक की व्यवस्था इस तरह करने के निर्देश दिए कि कक्षा में एक बेंच पर एक ही छात्र बैठे। स्वास्थ्य विभाग सभी स्कूलों और स्कूल परिसरों की सफाई, सेनिटाइज स्प्रे, जंतुनाशक दवाइयों का छिड़काव और धुआ फ्यूमिगेट करना आवश्यक है। इसके साथ ही आयुक्त ने कहा कि स्कूल में आने वाले छात्रों का स्वागत और छात्रों के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाए। प्रत्येक शिक्षक को छात्रों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। किसी प्रकार के लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें।

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