आधा दर्जन गांवों में पानी से भी सस्ता दूध

मिर्जापुर: जिले के राजगढ़ ब्लाक के आधा दर्जन गांवों में पानी से भी सस्ता दूध बिक रहा है। यहां दूध 16 रुपये और एक लीटर पानी की बोतल 20 रुपये है। यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित है और  जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर और रास्ता दुरूह होना है।  यहां न तो दूध का कोई बाहरी खरीददार पहुंचता है और न बाहर दूध जा पाता है। जो कुछ दूध खरीदते हैं वह स्थानीय दुकानदार ही हैं। पशु पालकों की हालत ऐसी हो गई है कर्ज लेकर गाय-भैंस तो खरीद ली लेकिन अब वे उसकी लोन की किस्त भी जमा नहीं कर पा रहे।  डेयरी संचालक मुश्किल में हैं और मदद की बाट जोह रहे हैं।

केंद्र एवं राज्य सरकार ने नाबार्ड के तहत मिनी डेयरी के लिए राजगढ़ के आधा दर्जन गांवों के 13 लोगों को ढाई करोड़ का लोन दिया है। अप्रैल 2015 से चल रही इस योजना में जिला पशु चिकित्सा अधिकारी ने इलाहाबाद बैंक के माध्यम से लोन दिलाया है। अब आधा दर्जन गांवों से रोजाना करीब 12 कुंतल दूध का उत्पादन हो रहा है। लेकिन दुग्ध उत्पादक औने-पौने दाम में दूध बेचने के लिए विवश हैं। यहां 16 रुपये प्रति लीटर दूध की बिक्री हो रही है। दूग्ध उत्पादकों ने कहा कि अगर सरकार डेयरी के माध्यम से 30 से 32 रुपये प्रति लीटर दूध बेचवाए तो हम लोगों की स्थिति सुधर सकती है और बैंक का कर्ज भी दिया जा सकता है। अगर शासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो इस क्षेत्र से दूध उत्पादन बंद हो जाएगा। डेयरी उत्पादकों ने कहा कि सरकार क्षेत्र से दूध खरीद कर शहरों व महानगरों में भेजे।

मिर्जापुर डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि  जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में जो समस्याएं हैं, उनका दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों का दूध बाजारों में उचित दामों पर बिके इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इसके लिए दिशा निर्देश दिए जाएंगे।          

रिपोर्टर

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