
क्या आर्थिक लेनदेन होने के कारण नहीं दर्ज हुआ मोबाइल टार्वर कंपनी पर FIR
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Dec 26, 2021
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भिवंडी।। भिवंडी शहर का बहुचर्चित सड़क पर अतिक्रमण कर निर्माण करवाया गया मेसर्स इंडस टाॅवर लिमिटेड कंपनी का 40 फुट ऊँचा मोबाइल टार्वर पर एम.आर.टीपी अंर्तगत फौजदारी के तहत गुनाह दाखल करवाने में भष्ट्राचार होने की जानकारी सुत्रों द्वारा मिल रही है कि जमीन मालिक व कंपनी पर एफ आई आर ना दर्ज करते हुए किसी तीसरे व्यक्ति अथवा संस्था पर एफ आई आर करवाने हेतु प्रभाग सहायक आयुक्त के कार्यालय में मोबाइल टार्वर, जमीन मालिक और पालिका के वरिष्ठ अधिकारियों की एक गुप्त मीटिंग हुई है। सुत्रों की माने तो इस मीटिंग में जमीन मालिक व कंपनी का नाम एफ आई आर से हटाने की चर्चा हुई है। जिसके एवज में बड़ा आर्थिक लेनदेन होने से इनकार नहीं हो सकता है। इस प्रकार की गुप्त सूचना सुत्रों द्वारा प्राप्त हुई है। बतादें कि नागांव -2, जब्बार कंपाउंड में सर्वे नंबर 91/14 के जमीन मालिक हयातुल्ला तजमुल खान ने सड़क और फुटपाथ की जमीन पर कब्जा अपने फायदे के लिए इंडस कंपनी का 40 फुट ऊँचा मोबाइल टार्वर उस समय निर्माण करवाया। जिस समय इस प्रभाग के सहायक आयुक्त दिलीप खाने व बीट निरीक्षक विराज भोईर दोनों एक साथ एक सप्ताह के लिए छुट्टी पर चले गये थे। दोनों अधिकारियों की छुट्टी व मोबाइल टार्वर में हुए भष्ट्राचार की चर्चा शहर में फैल गयी। जिसके कारण काई जागरूक नागरिकों ने सड़क के किनारे अतिक्रमण कर बनाया जा रहे मोबाइल टार्वर का विरोध करते हुए मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख व इस प्रभाग समिति के अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे सहायक आयुक्त फैसल तातली से की। जिसके कारण सहायक आयुक्त फैसल तातली ने निर्माणाधीन मोबाइल टार्वर का निरीक्षण कर जमीन मालिक व टार्वर कंपनी को इसे तत्काल निकाल लेने की नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के भीतर मोबाइल टार्वर नहीं निकाला गया तो महानगर पालिका कायदा नुसार कार्रवाई के पात्र होगें। किन्तु आश्चर्य की बात यह है कि इस दरमियान निर्माणाधीन मोबाइल टार्वर स्थल पर बिखरे टार्वर के पार्टस को जब्त नहीं किया गया। हालांकि एक दिसंबर को जारी इस नोटिस के 26 दिन बीत जाने के बावजूद सहायक आयुक्त दिलीप खाने ने इस मोबाइल टार्वर कंपनी व जमीन मालिक के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज नहीं करवाया । किन्तु इस दरमियान शहर के जागरूक पत्रकारों ने इस निर्माणाधीन मोबाइल की खबर को जमकर अखबारों में प्रकाशित किया। जिसके कारण मजबूर होकर सहायक आयुक्त दिलीप खाने व विराज भोईर ने आनन - फानन में मोबाइल टाॅवर का कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को खोलकर जब्त कर लिया। किन्तु इसमें में भारी झोल नजर आ रहा है। मनपा सुत्रों की माने तो जब्त किये गये मोबाइल टार्वर के सभी पार्टस को कोनवाडा स्थित गोदाम में जमा करवाना चाहिए था किन्तु भष्ट्राचार की आश लगाऐ बैठे होने के कारण अभी तक सभी पार्टस को सहायक आयुक्त के कार्यालय स्थित बंद एक गुप्त कमरे में रखा गया है। सुत्रों का दावा है कि मामला ठंडा होने के बाद सभी पार्टस को मोबाइल टाॅवर कंपनी को वापस कर दिया जा सकता है। जिसका खेल भी शुक्रवार शाम को हुए मीटिंग का दरमियान शुरू हो चुका है। हालांकि काई जागरूक नागरिकों ने इस खेल पर निगाहें बनाकर रखा हुआ कि अगर नोटिस प्रमाणे कार्रवाई नहीं हुई तो मनपा प्रशासन के खिलाफ न्यायालय में गुहार लगाई जायेगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जायेगी।
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