
भिवंडी के नालों से निकल रहा है जहरीला धुंआ
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jan 16, 2022
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भिवंडी।। भिवंडी शहर के आमीना कंपाउड स्थित महानगर पालिका के छोटे नालों से जहरीला धुआँ निकल रहा है। जिसके कारण आसपास परिसर में एक अलग प्रकार की दुर्गंध फैली हुई है। छोटे नाले के चेंबर खुले होने से कभी भी बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। बतादें कि इस परिसर में कई डांईग व साईजिग कंपनियां अवैध रूप से संचालित है। जिनके बॉयलर से निरंतर निकलते केमिकल युक्त गरम पानी को सीधे छोटे नालों में छोड़ दिया जाता है। गरम पानी होने के कारण नालों में से पानी का भांप निकलता है। इस परिसर में अवैध रुप से संचालित डाइंग साइंजिग कंपनियों पर महाराष्ट्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल कल्याण विभाग अथवा भिवंडी पालिका के पर्यावरण विभाग द्वारा कोई समुचित व ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है। शहर में ऐसे लगभग 250 अवैध साइंजिग व डांइग कंपनियां संचालित है। जो वातावरण में भारी मात्रा में वायु प्रदूषण फैलाती है। कंपनियों के चिमनियों से निकलते राख आसपास मकानो के छतो पर इकट्ठा होता है। यही नहीं मकानों के खिड़कियों से राख सीधे लोगों के रसोई तक पहुँच रही है। आमीना कंपाउड रहिवासी परिसर होने के बावजूद इस परिसर में कई डाइंग, साइंजिग कंपनियां अवैध रुप से संचालित है। इन कंपनियों के बारे में स्थानीय निवासियों ने मनपा प्रशासन सहित प्रदूषण नियंत्रण मंडल कल्याण कार्यालय में कई बार शिकायत दर्ज कारवाई है। किन्तु प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय में फैले भष्ट्राचार के कारण इन कंपनियों पर अंकुश नही लगाया जाता है। यही नहीं कंपनियों के आस- पास रहने वाले छुट भैय्या नेता इन कंपनियों का संरक्षण करते नजर आते हैं ऐसे प्रकार के लोग नेता कम गुंडों के नाम से ज्यादा पहचाने जाते है। सुत्रों की माने तो ऐसे नेताओं को संरक्षण के नाम पर कंपनियों से मोटी मलाई खाने को मिलती रही है। जिसके डर से स्थानीय निवासी इन कंपनियों के बारे में शिकायत नहीं करते है।अमीना कंपाउड परिसर में चल रही अवैध रुप से डांईग व साइंजिग कंपनियों में वायु व जल शुद्धीकरण ( ई.टी.पी.) प्लांट नहीं होने के बावजूद सरकारी अमले से सांठगांठ कर कंपनियां चलाई जाती रही है। जिसकी शिकायत के बाद स्थानीय महानगर पालिका प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण मंडल कल्याण विभाग इन कंपनियों को केवल नोटिस जारी कर अपना खानपूर्ति करती आ रही है। इस प्रभाग समिति के सहायक आयुक्त शमीम अंसारी ने फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही ऐसी कंपनियों को चिन्हित करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जायेगा। जो पर्यावरण संबंधी कायदा का उल्लंघन करते हुए पाया जायेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
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