मृतक की पत्‍नि ने ही रचा था मौत का षड्यंत्र अपने प्रेमी के साथ दिया घटना को अंजाम

सुठालिया ।। अपराधों की रोकथाम पर लगातार अंकुश लगाते हुए जिले की पुलिस टीम जहां एक और हर तरह से अपराध नियंत्रण में स्वयं को साबित कर रही है वही अपराधियों द्वारा नित नए अपराध घटित कर पुलिस टीम को खासा परेशान कर रखा है एक बड़ा मामला जिले की सुठालिया क्षेत्र से संज्ञान में आया है जहां पत्नी ने अपने पति के साथ एक ऐसी जघन्य घटना को अंजाम दिया उसकी लीला ही समाप्त हो गई। अपने प्रेमी के प्यार में पागल होकर अपने पति को ही मौत के घाट उतारने का षड्यंत्र उसकी पत्नी ने ही रचा था।                           

             दिनांक 22/01/2022 को थाना प्रभारी सुठालिया उनि रामकुमार रघुवंशी को मोबाईल पर सुचना मिली कि ग्राम बैरियाखेडी में सेमलापार रोड पर सड़क किनारे एक मकान के कमरे में एक व्‍यक्‍ति की लाश पडी है, जिसकी हत्या हो गई है । सूचना से थाना प्रभारी सुठालिया द्वारा पुलिस कप्तान राजगढ श्री प्रदीप शर्मा (भापुसे) को अवगत कराया गया । पुलिस अधीक्षक द्धारा घटना की गंभीरता को देखते हुये निर्देश दिए गए एवं अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक राजगढ श्री मनकामना प्रसाद के निर्देशन व एसडीओपी ब्‍यावरा श्रीमति किरण अहिरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुठालिया के नेत्रत्‍व में थाने पर एक विशेष टीम का गठन किया गया तथा बारीकी से सभी पहलुओ पर जांच करने के संबंध में विशेष दिशा निर्देश दिये । 

               थाना प्रभारी सुठालिया द्धारा अपने थाने पर टीम का गठन कर रवाना होकर सूचना के अनुसार सेमलापार रोड पर ग्राम बैरियाखेडी पहुचे जहां कमरे में एक व्‍यक्‍ति की लाश पडी मिली जिसके सिर से खून निकल रहा था मौके पर ज्ञात हुआ कि वह व्‍यक्‍ति बैरियाखेडी का रामदिनेश पिता मदनसिंह मीना है । मौके पर मृतक के पिता मदनसिंह पिता स्‍व. रामसिंह मीना से पूछताछ की जिसने बताया कि दिनांक 22.01.2022 के सुबह 04-04.30 बजे करीब की बात है  वह अपने गांव वाले घर पर सो रहा था कि मेरी बहु ज्योतिबाई मेरे घर पर आई और मेरे से बोली कि दक्ष के पापा घर के अंदर  कमरे मे खून मे लतपत पडे हुये है। फिर मै वहां से उठकर मेरी बहु ज्योतिबाई के साथ उसके सेमलापार रोड वाले घर पर आया और देखा तो मेरा लडका रामदिनेश मीना घर के अंदर वाले कमरे में खटिया पर खून मे लतपत पडा था, उसके सिर ललाट पर गहरी चोट का निशान बना था सिर से खून निकल रहा था। मैने मेरी बहु ज्योतिबाई से पूछा कि यह कैसे हुआ तो बहु ने बताया कि वह ऊपर छत वाले कमरे मे सो रही थी मेरे पति रामदिनेश अकेले नीचे कमरे मे सो रहै थे, जब मै सुबह 04- 04.30 बजे ऊपर छत वाले कमरे मे से नीचे उतरकर आई तो मैने कमरे मे देखा कि मेरे पति खून मे लतपथ हुये पलंग पर पडे थे। फिर मै गांव के चौकीदार गांव के पटेल मांगीलाल को बुलाकर लाया और उन्हे पूरी बात बताई । मैने, चौकीदार और पटेल ने लडके रामदिनेश को देखा तो वह मर चुका था कोई अज्ञात व्यक्ति रात मे आकर मेरे लडके रामदिनेश को जान से मारकर उसकी हत्या कर गया, फरियादी मदन सिंह मीणा की रिपोर्ट पर देहाती मर्ग एवम अपराध पंजीबद्घ किया गया थाने पर असल अपराध 25/22 धारा 302, 201, 450 भादवि के तहत कायम किया जा कर विवेचना में लिया गया । 

                सूचना पर  एस डी ओ पी ब्यावरा श्रीमती किरण अहिरवार, एफएसएल टीम, डाग स्‍क्‍वाड, फिंगर प्रिट एक्‍सपर्ट द्धारा घटनास्‍थल का निरीक्षण किया व मृतक के शव का पीएम कराकर परिजनो को सुपुर्द किया थाना प्रभारी सुठालिया व टीम द्धारा अज्ञात आरोपी की तलास शुरू की दौराने तलास घटनास्‍थल मृतक के घर का पुन: बारीकी से निरीक्षण किया तो मृतक के घर के पीछे एक टुटा मोबाईल फोन मिला जिसके संबंध में जानकारी ली गई तो ज्ञात हुआ कि वो मोबाइल मृतक की पत्‍नि ज्‍योति मीना का है मृतक की पत्‍नि से उस मोबाईल के संबंध में पूछताछ की तो इधर उधर की बाते करने लगी सही जबाब नही दिया जिससे थोडी सख्‍ती से पूछताछ की तो वो टुट गई ज्योति ने जो बात बताई वह बहुत की आश्‍चर्यचकित करने वाली थी। उसने बताया कि मैं, मेरे गांव के चैनसिंह लोधा को करीब 2 साल से जानती हूं मै उससे बात करती थी ओर वो भी मेरे से बात करता था हम दोनो एक दुसरे को पसंद करते थे ओर एक दुसरे से प्‍यार करते थे । मेरे पति को अभी कुछ दिन पहले हम पर शक हो गया तो उसने मेरे से पूछा कि तु किससे मोबाईल पर बात करती है तो मैने कहा कि मै किसी से बात नही करती तो वो मेरे को गाली गुप्‍तार करने लगा हर कभी मेरे को ताने मारने लगा ये बात मैने चैनसिंह लोधा को भी बताई तो उसने मेरे से कहा कि तेरे पति को देख लेगे । ज्योति ने बताया कि संक्रांति के बाद वह  दिनांक 18/01/2022 को वेरियाखेड़ी आई थी और एक दिन चैन सिंह लोधा से मोबाइल पर बात कर रही थी । तब रामदिनेश ने देख लिया था और बाद में मोबाइल को तोड़ कर घर के पीछे फेक दिया था। दिनांक 21/01/2022 को मैने चैनसिंह से फोन पर बात की ओर रात को घर पर आने का कहा तो रात को करीब 11-12 बजे चैनसिंह मेरे घर पर आया  मै ओर चैनसिंह दोनो मेरे घर के उपर वाले कमरे में बैठकर बात करने लगे मेरा पति रामदिनेश मीना नीचे वाले कमरे में अकेला सो रहा था । मैने चैनसिंह से कहा कि मेरा पति मेरे को बहुत ताने मारता है ओर उसे मुझ पर शंका भी हो गई  कि मै तुम से बात करती हूं तब चैनसिंह ने मुझ से कहा कि आज हम दोनों मिलकर तेरे पति रामदिनेश का काम खत्म कर देते है, बाद में नीचे वाले कमरे में गये ओर देखा तो मेरा पति रामदिनेश सो रहा था तो मैने चैनसिंह से कहा कि आज अच्‍छा मौका है कर दो इसका काम तमाम तो चैनसिंह ने कहा कि कैसे मारू इसे, तो ज्योति ने उसे डंडा लाकर दे ओर उसी डंडे से चैनसिंह ने मेरे पति रामदिनेश के सिर में तीन चार बार मारी उसके सिर से खून निकल आया ओर वो वही मर गया फिर हम दोनो डंडा लेकर उपर गये उपर छत पर मैने ओर चैनसिंह ने खुन लगे डंडे को धोया तो खून छत पर फैल गया फिर मैने झाडु से उस खून को साफ किया मेरे ओर चैनसिंह के कपडो पर खुन लग गया तो मैने कपडे बदल लिये। फिर हम दोनो नीचे वाले कमरे में आये दोनो ने फिर से मेरे पति को देखा तो वह मरा पडा था मैने दरवाजा खोलकर चैनसिंह को घर ने बाहर कर दिया ओर दरवाजा बंद कर लिया सुबह करीब 04/30 बजे मैने मेरे घर से जाकर मेरे ससुर के घर बताया कि दक्ष के पापा खून में लथपथ पडे है । आरोपियान मृतक की पत्‍नि के बताये अनुसार आरोपी चैनसिंह लोधा उम्र 35 साल निवासी ग्राम बैरियाखेडी को पकड कर हिकमत अमली से उससे पुछताछ की तो जल्‍द ही उसके घटना करना कबूल कर ली । और रामदिनेश मीना को उसकी पत्‍नि ज्योति के साथ मिलकर मारना बताया । दोनो आरोपीयो  से उनके बताये अनुसार घटना में प्रयुक्‍त आलाजरर जप्‍त किये गये व दोनो को गिरफ्तार कर माननीय न्‍यायालय पेश किया जावेगा। 

               उक्‍त सराहनीय कार्य व अंधे कत्‍ल के आरोपियान को 24 घंटे से भी कम समय में पकडने में थाना प्रभारी सुठालिया उनि रामकुमार रघुवंशी, उनि अरूंधति राजावत, उनि अर्जुनसिंह, सउनि शिवराज मीना, सउनि युधिष्‍टर शर्मा, प्रआरक्षक 583 सतीश त्‍यागी, प्रआरक्षक 321  मांगीलाल, प्रआरक्षक 700 करतारसिंह, आरक्षक 687 सूरज चावरिया,  आरक्षक 1005 बनेसिंह, आरक्षक 259 जितेद्र, आरक्षक 156 रामस्‍वरूप, आरक्षक 706 विजय, मआर 987 इतिश्री, मआर 945 प्रीति, सैनिक 196 सुमेर, सैनिक 258 भानूप्रताप, सैनिक 78 नीरज का विशेष व महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही फॉरेंसिक टीम से डॉक्टर नीलेश निमजे व उनकी टीम, fsl टीम से  श्री गोठरिया एवं उनकी टीम सहित साइबर सेल से निरीक्षक प्रकाश पटेल एवं टीम से प्र आर 408 प्रदीप शर्मा एवं आरक्षक 252 शशांक सिंह यादव का भी योगदान रहा।

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