
बुलेट ट्रेन से हो रहे लोग बेघर सरकारी आर्थिक मुआवजा में भी मनमानी, पीड़ितों की सरकार से न्याय की मांग
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Sep 20, 2022
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भिवंडी।। मुंबई से अहमदाबाद जाने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना निर्माण में करीब 200 लोगों के परिवार से आशियाना छीन रहा है बुलेट ट्रेन निर्माण परियोजना से जुड़े अधिकारी मनमानी पूर्ण तरीके से पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा देकर निपटाने में जुटे हैं पीड़ितों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से न्याय की गुहार लगाई है गौरतलब हो कि मुंबई से शुरू होकर भिवंडी से गुजरते हुए बुलेट ट्रेन को अमदाबाद तक जाना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण आर्थिक मुआवजा देकर किया जा रहा है ड्रेनेज बुलेट ट्रेन निर्माण के मार्ग में आने वाले रहवासी मकानों दुकानों एवं भूखंड को भी अधिकारियों द्वारा शासकीय कीमत पर मुआवजा चुकाया जा रहा है आश्चर्यजनक तथ्य है कि केंद्रीय पंचायत राज्य राज्य मंत्री कपिल पाटिल के गांव के बेहद नजदीक मनकोली अंजुर गांव स्थित खुशी पैराडाइज नामक इमारत में रह रहे 20 फ्लैट धारको व 10 दुकानदारों को खरीदी लागत से कम आर्थिक मुआवजा देकर अधिकारी निपटाने में जुटे हैं. खुशी पैराडाइज इमारत निवासी रवि विश्वकर्मा,तारक राय, श्रीरंग कानेटकर, गजेंद्र कुमार,अरविंद परिहार,साईनाथ सावंत,नवीन चालके,सोनल राय,विशेश्वर दयाल,गजेंद्र कुमार, पीरचंद भंसाली,घनश्याम राव,सुशीला शर्मा,रविंद्र जैन,तारा देवी जैन,गजेंद्र सर,गजेंद्र कुमार आदि रहिवासियों का आरोप है कि 7 वर्ष पूर्व राजस्थानी बिल्डर गजेंद्र से 12से 25 लाख रुपए कीमत देकर देकर 1आरके, 1BHK 2BHK का फ्लैट खरीदा था. 7 वर्ष से ग्राम पंचायत एवं शासन का टैक्स चुका रहे हैं। बुलेट ट्रेन परियोजना मार्ग निर्माण के लिए जगह फाइनल होने पर जब इमारत का भी नाम आया तो रहिवासी चोपड़े इमारत में रह रहे तमाम लोगों ने ग्राम सरपंच क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि बुलेट ट्रेन के अधिकारी एवं जिलाधिकारी से भी मिलकर बताया कि हमने नियमों के तहत फ्लैट को खरीदा है हमें कोई नोटिस शासन से नहीं मिली है बुलेट ट्रेन के अधिकारी गलत तरीके से नाप जोक कर परियोजना के निर्माण के लिए अन्य जगहों के साथ ही हमारी बिल्डिंग को भी जोड़ दिया है जो सरासर अन्याय है इमारत में रह रहे निवासी ने बताया कि शासन सहित सभी जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई समाधान नहीं मिला है बुलेट ट्रेन अधिकारियों के पत्र पर कुछ समय पहले ही ग्राम पंचायत में इमारत का पानी बंद कर दिया है और अब लाइट भी बंद करने की धमकी दी जा रही है पीड़ित परिवारों का कहना है कि बिल्डर से नियम कायदों के तहत मकान खरीदी किया है बुलेट ट्रेन निर्माण मार्ग में हमारी पूरी बिल्डिंग जा रही है जिसका समुचित आर्थिक मुआवजा मिलना चाहिए। आर्थिक मुआवजा दर कम मिलता है तो अभी हमारे फ्लैट पर बैंक का लोन भी बाकी है लोन हम कहां से अदा करेंगे और कहां से नया मकान की खरीदी करेंगे पीड़ितों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से न्याय की गुहार लगाई है
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