भिवंडी मनपा मुख्यालय में संत संताजी जगनाडे महाराज की जयंती कार्यक्रम संपन्न

भिवंडी।। राज्य के संत संताजी जगनाडे की जयंती के अवसर पर भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका द्वारा नवीन प्रशासनिक भवन के भूतल परिसर में पालिका के प्रशासक व आयुक्त विजय कुमार म्हसाल ने संत संताजी जगनाडे महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। बतादें को संत संताजी जगनाडे महाराज का जन्म 8 दिसंबर 1624 को महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले के मावल तालुका स्थित सुदुम्बरे गांव में विठोबा जगनाडे के घर में हुआ था। विठोबा जगनाडे और उनकी माता मथुबाई विठ्ठल के भक्त थे। उनका घर का वातावरण आध्यात्मिक और धार्मिक था। 12 वर्ष की आयु में उनका विवाह यमुना बाई से हो गया। विवाह के समय यमुना बाई की उम्र 8 वर्ष की थी। संताजी को कम उम्र से ही धार्मिक संस्कार की शिक्षा ग्रहण की।  उनके परिवार की स्थिति अच्छी थी इसलिए संतजी महाराज को किसी चीज की कमी नहीं थी।संताजी को कम उम्र से ही धार्मिक संस्कार पाने के कारण उनमें कीर्तन व भजन निपुण थे। इसके बाद वे संत तुकाराम महाराज के भजन व कीर्तन से बहुत प्रभावित हुए और परिवार छोड़ कर उनके साथ जाने का फैसला कर लिया। संताजी महाराज जगतगुरू तुकाराम महाराज के शिष्य बन गये। संत तुकाराम महाराज जो अभंग अपने कीर्तन में सुनाया करते थे। संताजी उन्हें लिपिबद्ध करते थे। संताजी संत तुकाराम के छाया कॊ तरह उनके साथ रहते थे। श्री संताजी जगनाडे महाराज के सेवा भाव देखते हुए संत तुकाराम ने श्री संताजी जगनाडे महाराज को उनके चौदह टालकारी दल का एक प्रमुख टालकारी बना दिया। इस अवसर पर पालिका उपायुक्त दीपक पुजारी, उपायुक्त (कर) दीपक झिंजाड, जनसंपर्क प्रमुख सुनिल धाऊ झलके सहित सभी वार्ड अधिकारी व अन्य अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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