
घरेलू व छोटी गणेश मूर्तियां कृत्रिम तालाबों में करें विसर्जन
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Sep 17, 2023
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फूल मालाऐ तथा हवन आदि सामग्री मंगल कलश में डालने की अपील --- आयुक्त अजय वैद्य
भिवंडी।। राज्य सरकार ने गणेश भक्तों से इको फ्रेंडली गणेश उत्सव मनाने के संबंध में निर्देश दिये है। चूंकि गणेश की मूर्तियां प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी होती है। इसलिए मूर्तियां पानी में घुलने में समय लगता है तथा मूर्तियों पर रासायनिक रंग लगाए जाते है। तालाबों में रासायनिक तत्व मिलने से जलाचर सहित जलाशयों को प्रभावित करते है। जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने जल को प्रदूषण से बचाने के लिए मूर्तियों को कृत्रिम जलाशयों में विसर्जित करवाने के लिए पालिका प्रशासन को निर्देश दिया है। तदुपरांत पालिका प्रशासन की ओर से घरेलू गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन हेतु कृत्रिम जलाशयों का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके लिए प्रभाग समिति क्रमांक पांच अंर्तगत स्वर्गीय गांजेगी सभागृह के सामने तथा प्रभाग समिति क्रमांक तीन के वराला देवी मुख्य मंदिर प्रवेश द्वार के पास, जमीन में गड्ढा खोदकर कृत्रिम जलाशय बनाया जा रहा है। गणेश भक्तों को भगवान गणेश की छोटी घरेलू मूर्तियां इस कृत्रिम जलाशयों में विसर्जित करने तथा निर्माल्य को पानी की ना डालकर हर विसर्जन घाटों पर रखे मंगल कलश में डालने की अपील पालिका के आयुक्त अजय वैद्य ने की है। इसके साथ साथ उन्होंने कहा कि भक्तों को निर्माल्य डालने के लिए मंगल कलश का उपयोग करना चाहिए। बाद में वही खाद बनाकर पार्कों व बगीचों में इस्तेमाल किया जायेगा। जिसके कारण पेड़ों सुदृढ़ बनाया जा सके और जलाशयों को प्रदूषण से बचाने में सहयोग करने की अपील की है।
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